चुनाव खत्म होते ही खातों से वापस हो गए PM किसान निधि के 2000 रुपये

लोकसभा चुनाव के लिए मतदान के छह चरण पूरे होने के बाद एक खबर तेजी से सोशल मीडिया में फैल रही है कि पीएम स्कीम के तहत किसानों के खातों में दिया गया पैसा वापस निकाला जाने लगा है. उत्तर प्रदेश के स्थानीय अखबारों में तो बकायदा इस खबर को प्रमुखता से जगह मिली है.

जनसत्ता की खबर के मुताबिक चुनावी आचार संहिता लागू होने से पहले पीएम किसान निधी योजना के तहत किसानों के खातों में पहली किस्त के तहत दो-दो हजार रुपए डाले गए. पैसा केंद्र सरकार की तरफ से भेजा गया था.

अब लोकसभा चुनाव के लिए मतदान लगभग पूरा होने के बाद उत्तर प्रदेश के कई शहरों में किसानों ने शिकायत की है कि उनके खातों में पीएम स्कीम के तहत डाली गई राशि वापस निकाल ली गई है.

ऐसे ही कई मामले मुजफ्फरनगर जनपद में सामने आए हैं. यहां भी किसानों ने पीएम स्कीम के तहत मिली राशि वापस निकाले जाने की बात कही है. किसानों ने बताया कि उन्हें इस बात की जानकारी तब मिली जब वह योजना के तहत खातों में आई राशि निकालने गए.

स्थानीय खबरों के मुताबिक किसान बैंक पहुंचे तो बैंक अधिकारियों ने बताया उनके खातों में कोई राशि नहीं है, पैसे काट लिए गए. किसान यूनियन ने किसानों संग इस बर्ताव का विरोध करते हुए कहा, ‘सरकार ने हमारे साथ धोखा किया.’

ऐसे ही फिरोजाबाद में नारखी गांव हंसराम के निवासी निरोत्तम सिंह ने सरकार के इस व्यवहार पर नाराजगी जताते हुए कहा, ‘डेढ़ महीना पहले मोबाइल पर संदेश भेजकर बताया गया कि खाते में पीएम योजना के तहत दो हजार रुपए डाले गए हैं.

अब बैंक से रकम निकालने गए तो बताया गया कि खाते में कोई राशि ही नहीं है. एक सप्ताह बाद राशि के लिए बैंक में जाकर संज्ञान लिया मगर खाते कोई राशि नहीं थी.’

गौरतलब है कि लोकसभा चुनाव से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसान सम्मान योजना के तहत इस योजना की शुरुआत की थी. योजना के मुताबिक हर लघु और सीमांत किसान को प्रति एकड़ जमीन के हिसाब से राहत राशि के रूप में छह हजार रुपए की राशि सालभर में देने की घोषणा की थी. किसानों को यह राशि तीन किस्तों में दी जानी थी.