किम जोंग से मिलने उत्तर कोरिया पहुंचे ट्रंप, बोले में पहला अमेरिकी राष्ट्र पति जो यहां घुस सका

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कोरियाई प्रायद्वीप के असैन्य क्षेत्र (demilitarized zone, DMZ) में रविवार को उत्तर कोरियाई शासक किम जोंग-उन से मुलाकात की. इससे पहले ट्रम्प ने जी-20 समिट में एलान किया था कि वो किम से मिलने जाएंगे.

ट्रम्प ने कहा था कि उत्तर कोरिया से अमेरिका के संबंध अच्छे हुए हैं.

पिछले एक साल में दोनों नेताओं की यह तीसरी मुलाकात है. यह दक्षिण कोरिया, उत्तर कोरिया और अमेरिका के बीच पहली त्रिपक्षीय बैठक भी है.

इससे पहले ट्रम्प ने यहां दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति मून जे-इन के साथ भी मुलाकात की. इसके बाद ट्रम्प ने कहा कि हम उत्तर कोरिया की सीमा पर जा रहे हैं और चेयरमैन किम के साथ बैठक करूंगा.

मैं उनसे मिलने के लिए उत्सुक हूं. हमारे संबंध बहुत अच्छे हो गए हैं. असैन्य क्षेत्र 1950-53 के युद्ध के बाद से कोरियाई प्रायद्वीप की विभाजक रेखा है. ट्रम्प ने शनिवार को ट्वीट कर किम को कोरियाई प्रायद्वीप के असैन्य क्षेत्र में मुलाकात के लिए आमंत्रित किया था.

किम ने उत्तर कोरिया की सीमा में प्रवेश करने के ट्रम्प के निर्णय पर उन्हें धन्यवाद दिया. वहीं, ट्रम्प ने कहा, ‘‘यदि किम नहीं मिलते तो मुझे बुरा लगता. मैं किम को अभी व्हाइट हाउस आने के लिए आमंत्रित करूंगा.’’ 

इससे पहले ट्रम्प ने मीडिया से कहा कि उ. कोरिया की सीमा में प्रवेश करने वाला पहला राष्ट्रपति बनने का गौरव हासिल करना ‘महान अनुभूति’ है. ऐसा होना सम्मान की बात भी है.

इस दौरान अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ, वित्त मंत्री स्टीवन मेनुचिन, ट्रम्प की बेटी इवांका और उनके दामाद और सलाहकार जेरेड कुशनर भी मौजूद थे.

इससे पहले मून ने कहा था कि अगर ट्रम्प और किम एक दूसरे से मिलते हैं तो वह भी अमेरिकी राष्ट्रपति के साथ असैन्य क्षेत्र की यात्रा पर जाएंगे. यह ऐतिहासिक घटना होगी. कोरियाई प्रायद्वीप को परमाणु मुक्त बनाने के उद्देश्य से पिछले कुछ महीनों से किम और ट्रम्प के बीच बातचीत के कई प्रयास हुए हैं.

कोरियाई प्रायद्वीप में परमाणु निरस्त्रीकरण करने को लेकर ट्रम्प और किम के बीच पिछले साल जून में सिंगापुर में पहली बैठक हुई थी. इसके बाद इस साल फरवरी में वियतनाम की राजधानी हनोई में दोनों नेताओं के बीच दूसरी बैठक हुई थी जो विफल रही थी. दोनों नेताओं के बीच एक साल के भीतर यह दूसरी शिखर बैठक थी.

फरवरी में ट्रम्प और किम की दूसरी मुलाकात हनोई (वियतनाम) में हुई थी. दोनों नेताओं के बीच की मुलाकात बिना किसी समझौते के ही खत्म हो गई थी. ट्रम्प-किम पहली बार पिछले साल 12 जून को सिंगापुर में मिले थे. इस दौरान किम ने किसी भी तरह के परमाणु परीक्षण न करने की बात कही थी. इस साल अप्रैल में किम पहली बार रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मिलने रूस पहुंचे थे. इस दौरान दोनों नेताओं ने ऐतिहासिक रिश्तों पर बात की थी. पुतिन ने कहा था कि वह उत्तर कोरिया में तनाव कम करना चाहते हैं.

हाल ही में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग उत्तर कोरिया की राजधानी प्योंगयांग के ऐतिहासिक दौरे पर पहुंचे थे. दोनों नेताओं के बीच परमाणु मुद्दे और प्रतिबंधों को लेकर बातचीत हुई थी. जिनपिंग बीते 14 साल में उत्तर कोरिया आने वाले पहले चीनी राष्ट्रपति हैं.