CNN ने क्यों दी किम जोंग की मौत की खबर, अब जीवित हैं या नहीं ?

उत्‍तर कोरियाई राष्ट्र प्रमुख किम जोंग उन गंभीर रूप से बीमार हो गए हैं और इन द‍िनों जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं. बताया जा रहा है कि उनका कार्डियोवस्कलर (cardiovascular) प्रॉब्लम की वजह से इलाज चल रहा था. अमेरिकी टीवी चैनल सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक किम जोंग की सर्जरी की गई लेकिन इसके बाद उनकी हालत और बिगड़ गई है.

एक अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि किम जोंग उन की जान को खतरा है. सीएनएन के मुताबिक किम जोंग की तबीयत पिछले कई महीने से खराब चल रही थी. किम जोंग उन बहुत ज्‍यादा स्‍मोकिंग करते हैं और उन्‍हें मोटापे की भी बीमारी है. किम जोंग उन को 11 अप्रैल को अंतिम बार देखा गया था. यही नहीं किम जोंग अपने अपने दादा के जन्‍मदिन पर होने वाले कार्यक्रम में भी 15 अप्रैल को दिखाई नहीं दिए थे.

भारत में अभी सुबह हुई ही थी कि उत्तर कोरियाई शासक किम जोंग उन के ब्रेन डेड होने की खबर अमेरिकी मीडिया से आने लगी. एनबीसी की ऐंकर केटी तूर ने ट्वीट किया कि दो अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन ब्रेन डेड हो गए हैं. उनकी हाल ही में ही कार्डियक सर्जरी हुई थी जिसके बाद वह कोमा में चले गए. हालांकि, कुछ मिनटों के भीतर ही अमेरिकी पत्रकार ने ये ट्वीट डिलीट कर दिया. पत्रकार ने सफाई दी कि वह ज्यादा जानकारी आने का इंतजार कर रही हैं.

उत्तर कोरिया के सर्वोच्च नेता किम जोंग उन के अपने दादा के जन्मदिन समारोह में शामिल ना होने के बाद से ही उनके स्वास्थ्य को लेकर कयास लग रहे हैं. सीएनएन की रिपोर्ट में एक अमेरिकी अधिकारी के हवाले से लिखा गया है कि किम के अस्वस्थ होने की खबर विश्वसनीय है लेकिन उनकी बीमारी की गंभीरता का पता लगाना मुश्किल है.

दक्षिण कोरिया की प्रमुख वेबसाइट डेली एनके की रिपोर्ट के मुताबिक, किम जोंग उन को 12 अप्रैल को कार्डियोवैस्कुलर सिस्टम प्रोसीजर दिया गया. न्यूज साइट के मुताबिक, किम को स्मोकिंग, मोटापे और ज्यादा काम करने की वजह से कार्डियोवैस्कुलर सिस्टम पर रखा गया था. अब ह्यांगसान काउंटी की एक विला में उनका इलाज किया जा रहा है.

न्यूज वेबसाइट के मुताबिक, किम जोंग उन की तबीयत में सुधार होने के बाद उनकी मेडिकल टीम के ज्यादातर सदस्य 19 अप्रैल को प्योंगयांग लौट गए और कुछ सदस्य उनकी रिकवरी की निगरानी करने के लिए उनके साथ ही हैं.

उत्तर कोरिया के बारे में कोई जानकारी निकालना बेहद मुश्किल काम है. उत्तर कोरिया अपने नेता से जुड़ी हर जानकारी को बेहद गोपनीय रखता है. उत्तर कोरिया में प्रेस भी स्वतंत्र नहीं है और किम जोंग की बात आने पर तो वो बिल्कुल चुप्पी साध लेता है.

किम जोंग आखिरी बार 11 अप्रैल को मीडिया के सामने पेश हुए थे. लेकिन 15 अप्रैल को उत्तर कोरिया के राष्ट्रीय अवकाश और अपने किम इन संग के जन्मदिन के जश्न में नजर नहीं आए थे. किम के दादा किम संग समारोह में आए और किम जोंग उन का जिक्र किए बगैर ही चले गए. जब भी उत्तर कोरिया में किसी बड़े समारोह से किसी नेता की गैर-मौजूदगी होती है तो उसके बाद कोई बड़ा घटनाक्रम देखने को मिलता है. हालांकि, कई बार ये महज अफवाह भी साबित होती है.

अमेरिका की खुफिया एजेंसी के डेप्युटी डिवीजन चीफ रह चुके ब्रूस क्लिंगनर ने सीएनएन से बातचीत में कहा, किम की सेहत के बारे में हाल में कई अफवाहें उड़ी हैं जिसमें स्मोकिंग, हार्ट और ब्रेन डेड समेत कई बातें हैं. अगर किम अस्पताल में भर्ती हुए थे तो 15 अप्रैल के जश्न से उनकी गैर-मौजूदगी की वजह साफ हो जाएगी. हालांकि, पिछले कई सालों से किम जोंग उन और उनके पिता की सेहत को लेकर कई बार अफवाहें उड़ चुकी हैं. हमें इंतजार करना होगा.

2008 में उत्तर कोरिया की 60वीं वर्षगांठ की परेड में किम जोंग उन के पिता किम जोंग इल नजर नहीं आए थे जिसके बाद उनकी सेहत को लेकर खबरें चलने लगी थीं. बाद में पता चला कि उन्हें स्ट्रोक आया था. उसके बाद से उनकी सेहत बिगड़ती ही गई और 2011 में उनकी मौत हो गई.

2014 में किम जोंग उन एक महीने से ज्यादा वक्त तक जनता के बीच से गायब रहे. उस वक्त भी उनकी सेहत को लेकर कयास लगने लगे थे. जब वह लौटे तो एक केन लिए नजर आए, कुछ दिनों बाद ही दक्षिण कोरिया की इंटेलिजेंस ने दावा किया कि वह सर्जरी कराके लौटे हैं.