अमेरिका का बयान – हमने नहीं काटा सिसोदिया और केजरीवाल का नाम

अमेरिकी दूतावास ने रविवार को कहा कि उसे दिल्ली के सरकारी स्कूल में अमेरिका की प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप की यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया की मौजूदगी को लेकर कोई आपत्ति नहीं है. ये बयान बीजेपी के उस बयान के बाद आया है जिसमें कहा गया था कि मोदी सरकार ये तय नहीं करती कि अमेरिका किसे बुलाए किसे नहीं. इस बयान से साफ हो गया है दोनों नेताओं का नाम अमेरिका ने नहीं मोदी सरकार ने हटवाया था.

दिल्ली सरकार के सूत्रों ने शनिवार को कहा था कि मेलानिया ट्रंप के मंगलवार को दिल्ली के सरकारी स्कूल के दौरे के समय केजरीवाल और सिसोदिया मौजूद नहीं रहेंगे, क्योंकि कार्यक्रम के लिए अतिथि सूची से उनके नाम हटा दिए गए हैं.

अमेरिकी दूतावास में एक प्रवक्ता ने इस बारे में मीडिया द्वारा सवाल पूछे जाने पर कहा, ‘अमेरिकी दूतावास को मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री की मौजूदगी से कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन हम इस बात को समझने के लिए उनकी सराहना करते हैं कि यह कोई राजनीतिक समारोह नहीं है. यह सुनिश्चित करना सबसे अच्छा है कि शिक्षा, स्कूल एवं छात्रों पर ध्यान केंद्रित किया जाए.’

इससे पहले, दिन में उपमुख्यमंत्री ने संवाददाताओं से कहा कि दिल्ली सरकार को मेलानिया के एक सरकारी स्कूल के दौरे के लिए अनुरोध मिला था. उन्होंने कहा, ‘अगर वह (सरकारी स्कूल) आना चाहती हैं तो उनका स्वागत है.’ आयोजन से दोनों नेताओं के नाम हटाए जाने पर क्षोभ प्रकट करते हुए आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता सौरभ भारद्वाज ने कहा कि यह एक प्रोटोकॉल और ‘परंपरा’ है कि आयोजन में कोई भी विदेशी विशिष्ट अतिथि आता है तो राज्यों के नेता उपस्थित रहते हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के इशारे पर अतिथि सूची से केजरीवाल और सिसोदिया के नाम हटाए गए.

भारद्वाज ने दावा किया, ‘भाजपा दावा कर रही है कि उसने (केंद्र) अमेरिकी दूतावास से केजरीवाल और सिसोदिया का नाम अतिथि सूची से हटाने के लिए नहीं कहा. बयान असल में संकेत है कि कुछ गड़बड़ है.’ अतिथि सूची में केजरीवाल का नाम नहीं होने पर भाजपा प्रवक्ता सांबित पात्रा ने कहा कि राष्ट्रहित वाले मुद्दों पर ‘स्तरहीन या ओछी’ राजनीति नहीं होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि अगर हम एक दूसरे की खिंचाई करते रहेंगे तो भारत का नाम खराब होगा. मोदी सरकार अमेरिका को नहीं बताती कि किसे वो आमंत्रित करें और किसे नहीं.

बता दें कि दिल्ली सरकार ने जुलाई 2018 में स्कूलों में ‘हैप्पीनेस क्लासेस’ की शुरुआत की थी. पाठ्यक्रम के तहत दिल्ली सरकार के स्कूलों में कक्षा एक से आठ में पढ़ने वाले छात्रों को हर दिर 45 मिनट खुशहाली कक्षा में गुजारना होता है. यहां पर वे कथा-कहानी, ध्यान और सवाल-जवाब सत्र में हिस्सा लेते हैं. इसी तरह, नर्सरी और केजी के छात्र-छात्राओं के लिए हफ्ते में दो बार कक्षाएं होती हैं.

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