कठुआ कांड में सात में से 6 लोग दोषी,

जम्मू कश्मीर के कठुआ में बंजारा समुदाय की 8 साल की बच्ची के साथ बलात्कार और उसकी हत्या के मामले में यहां एक विशेष अदालत सोमवार (10 जून) को फैसला सुनाया. अदालत ने इस मामले में 7 में 6 आरोपियों को दोषी करार दिया है. इस मामले में ग्राम प्रधान और उसका बेटा मुख्य आरोपी थे.

एक बकरी चराने वाली बच्ची को मंदिर में अगुवा करके रखने , उसके साथ कई दिनों तक बलात्कार करने और तो और रेप करने के लिए रिश्तेदारों को फोन करके दूसरे शहर से बुलाने वाले तिलकधारी ग्राम प्रधान को अदालत ने रेप और हत्या के आरोप में दोषी मान लिया है. जम्मू कश्मीर के कठुआ में बंजारा समुदाय की 8 साल की बच्ची के साथ बलात्कार और उसकी हत्या के मामले में यहां एक विशेष अदालत सोमवार (10 जून) को फैसला सुनाया. अदालत ने इस मामले में 7 में 6 आरोपियों को दोषी करार दिया है. इस मामले में ग्राम प्रधान और उसका बेटा मुख्य आरोपी थे.

इससे पहले जिला और सत्र न्यायाधीश ने आठ आरोपियों में से सात के खिलाफ दुष्कर्म और हत्या के आरोप तय किये थे. किशोर आरोपी के खिलाफ मुकदमा अभी शुरू नहीं हुआ है और उसकी उम्र संबंधी याचिका पर जम्मू कश्मीर उच्च न्यायालय सुनवाई करेगा इससे पहले अपराध शाखा ने इस मामले में ग्राम प्रधान सांजी राम, उसके बेटे विशाल, किशोर भतीजे तथा उसके दोस्त आनंद दत्ता को गिरफ्तार किया था.

इससे पहले जिला और सत्र न्यायाधीश ने आठ आरोपियों में से सात के खिलाफ दुष्कर्म और हत्या के आरोप तय किये थे. किशोर आरोपी के खिलाफ मुकदमा अभी शुरू नहीं हुआ है और उसकी उम्र संबंधी याचिका पर जम्मू कश्मीर उच्च न्यायालय सुनवाई करेगा इससे पहले अपराध शाखा ने इस मामले में ग्राम प्रधान सांजी राम, उसके बेटे विशाल, किशोर भतीजे तथा उसके दोस्त आनंद दत्ता को गिरफ्तार किया था.

इस मामले में दो विशेष पुलिस अधिकारियों दीपक खजुरिया और सुरेंद्र वर्मा को भी गिरफ्तार किया गया. सांजी राम से कथित तौर पर चार लाख रुपये लेने और महत्वपूर्ण सबूतों को नष्ट करने के मामले में हैड कांस्टेबल तिलक राज एवं एसआई आनंद दत्ता को भी गिरफ्तार किया गया. इस मामले में अभियोजन दल में जे के चोपड़ा, एस एस बसरा और हरमिंदर सिंह शामिल थे.

इससे पहले  कठुआ में फैसला सुनाये जाने के मद्देनजर अदालत और उसके आसपास कड़े सुरक्षा बंदोबस्त किये गये थे. देश को स्तब्ध कर देने वाले इस मामले में बंद कमरे में सुनवाई 3 जून को पूरी हुई थी. तब जिला और सत्र न्यायाधीश तेजविंदर सिंह ने घोषणा की थी कि 10 जून को फैसला सुनाया जा सकता है.

15 पन्नों के आरोपपत्र के अनुसार पिछले साल 10 जनवरी को अगवा की गयी 8  साल की बच्ची को कठुआ जिले के एक गांव के मंदिर में बंधक बनाकर उसके साथ दुष्कर्म किया गया. उसे चार दिन तक बेहोश रखा गया और बाद में उसकी हत्या कर दी गयी.

मामले में रोजाना आधार पर सुनवाई पड़ोसी राज्य पंजाब के पठानकोट में जिला और सत्र अदालत में पिछले साल जून के पहले सप्ताह में शुरू हुई थी. उच्चतम न्यायालय ने मामले को जम्मू कश्मीर से बाहर भेजने का आदेश दिया था जिसके बाद जम्मू से करीब 100 किलोमीटर और कठुआ से 30 किलोमीटर दूर पठानकोट की अदालत में मामले को भेजा गया. शीर्ष अदालत का आदेश तब आया जब कठुआ में वकीलों ने अपराध शाखा के अधिकारियों को इस सनसनीखेज मामले में आरोपपत्र दाखिल करने से रोका था.

अगर आरोपियों को दोषी करार दिया जाता है तो उन्हें कम से कम उम्रकैद और अधिकतम मौत की सजा सुनाई जा सकती है.