बेटे को लेकर मोदी से मिलवाने पहुंचे कमलनाथ,बताई ये वजह

ये है गुजरात मॉडल जो मोदी जी के चरणों में जगह ले लेता है वो सुरक्षित हो जाता है. चार बार सदन में विश्वासमत हासिल करने के बाद कमलनाथ अब लगता है सरकार बचाने के लिए मोदी जी की शरण में पहुंच गए हैं. पुत्र मोह के लिए राहुल गांधी की डांट खा चुके कमलनाथ अपने बेटे व नवनिर्वाचित सांसद कमलनाथ के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने पहुंच गए. कमल नाथ के निर्णय को कांग्रेस में हैरानी के रूप में देखा जा रहा है. ऐसा उस समय है जब कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी यह पहले ही कह चुके हैं कि कमल नाथ ने पार्टी से अधिक अपने बेटे को तरजीह दी.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री कमल नाथ के बेटे ने अपने ट्विटर हैंडल से पीएम मोदी, सीएम कमल नाथ और अपनी तस्वीर पोस्ट की. नकुल ने लिखा, आज प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ जी ( @OfficeOfKNath ) के साथ प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ( @narendramodi ) से सौजन्य भेंट की और प्रदेश के विकास और प्रदेश की योजनाओं के विषय मे चर्चा की…

इससे पहले सीएम कमल नाथ लोकसभा चुनावों में हार के बाद पहली बार बुलाई गई कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में भी शामिल नहीं हुए थे. वहीं कुछ लोगों का मानना है कि अपने बेटे के साथ पीएम मोदी से मुलाकात कर गांधी परिवार को संकेत भी देना चाहते हैं. इससे पहले पिछले साल मध्यप्रदेश में कांग्रेस 15 साल बाद सत्ता में लौटी थी.

पार्टी ने कमल नाथ को प्रदेश की कमान सौंपी थी. पार्टी इस लोकसभा चुनाव अपना पिछला प्रदर्शन दोहराने में असफल रही थी. राज्य की 29 सीटों में से महज 1 ही सीट पर पार्टी जीत हासिल कर सकी. यह इकलौती सीट राज्य की छिंदवाड़ा संसदीय सीट थी. इस सीट से मुख्यमंत्री के बेटे नकुल नाथ मैदान में थे.

राजनीतिक हलकों में इस बात की काफी चर्चा थी की सीएम ने पार्टी की बजाय अपने बेटे की जीत पर अधिक ध्यान दिया. लोकसभा चुनाव में राज्य के दो बार मुख्यमंत्री रहे दिग्विजय सिंह को भी भोपाल से हार का सामना करना पड़ा. उन्हें मालेगांव बम धमाकों की आरोपी साध्वी प्रज्ञा ठाकुर ने हराया.

इतना ही नहीं राज्य से कांग्रेस के दिग्गज नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया को भी हार का मुंह देखना पड़ा. यह पहली बार था कि राजपरिवार को कोई सदस्य चुनाव हारा हो.