मध्यप्रदेश में कमलनाथ चल सकते हैं मास्टर स्ट्रोक, ज्योतिरादित्य को मिलेगी मात?

मध्यप्रदेश में भारी उठापटक और 20 विधायकों के इस्तीफे के बावजूद कांग्रेस नेता कमल नाथ के चेहरे पर कुर्सी जाने का खौफ दिखाई नहीं दे रहा है . राजनीतिक के जानकारों के मुताबिक कमलनाथ की बॉडी लैग्वेज से नहीं लगता कि वो कुर्सी खोने वाले हैं. जानकारों का कहना है कि कमलनाथ की भाषा और अंदाज में कुछ खोने से ज्यादा कुछ पाने का संतोष दिखाई दे रहा है.

मध्यप्रदेश की राजनीति के जानकार कहते हैं कि कमलनाथ कच्चे खिलाड़ी नहीं हैं और ज्योतिरादित्य की रणतीति और रुझान किसी से छिपा नहीं था इसलिए इतना बड़ा घटनाक्रम छिपा रह जाए ये कल्पना से दूर की बात थी.

ज्योतिरादित्य अपने ट्विटर प्रोफाइल से कांग्रेस हटा चुके थे. वो खुलकर सीएए ओर कश्मीर में 370 लगाने पर बीजेपी के पक्ष में बोलते नजर आए थे. ऐसे में ये संभव नहीं था कि कमलनाथ सावधान न होते इसलिए कोई न कोई ऐसी बात जरूर है जो अभी तक छिपी हुई है.

शक इसलिए भी गहराता है कि सिंधिया के साथ जिन 20 विधायकों के जाने की बात है उनमें बड़ी संख्या ऐसे विधायकों की है जो दिग्विजय सिंह के वफादार रहे हैं. इनमें ऐदल सिंह कंसाना जैसे विधायक भी हैं जो दिग्विजय सिंह के लिए किसी भी हद तक पार जा सकते हैं.

उधर इन विश्लेशकों का मानना है कि ज्योतिरादित्य कभी अपने समर्थकों के लिए फायदेमंद साबित नहीं हुए हैं. उनके साथ रहने वालों से ज्यादा वो महल और परिवार के नजदीक लोगों का भला करते हैं. ऐसे में ये बात अचरज भरी है कि इतने विधायक उनके साथ चले जाएं.

जो लोग दिग्विजय सिंह को नजदीक से जानते हैं उनका कहना है कि ये ज्योतिरादित्य को पार्टी से बाहर करने की चाल भी हो सकती है. इनका कहना है कि ज्योतिरादित्य काफी दिनों से पार्टी में दबाव बना रहे थे और वो बाहर भी संभावनाएं तलाश रहे थे. वो दिग्विजय सिंह और कमलनाथ की रास्ते का कांटा भी बने हए थे.

इन लोगों का कहना  है कि एक धुंधली संभावना ये भी हो सकती है कि इन दोनों नेताओं ने अपने विधायक प्लांट करके ज्योतिरादित्य को बाहर का रास्ता दिखाने का षडयंत्र रचा. अब सिंधिया बाहर होंगे और इनके अपने विधायक वापस आ जाएंगे. बचे हुए विधायकों को पार्टी सस्पेंड कर देगी.

उधर कांग्रेस की नेता शोभा ओझा ने दावा किया है कि हम सदन में बहुमत साबित करेंगे. सभी कांग्रेस विधायक, जो बेंगलुरू में हैं, उन्हें गुमराह किया गया, वो हमारे साथ हैं. यहां तक कि भाजपा के भी कुछ विधायक हमारे संपर्क में हैं. कांग्रेस के विधायक जयपुर शिफ्ट किए जा रहे हैं. यही वजह है जिन वहीं भाजपा विधायक मानेसर के एक होटल में शिफ्ट किए गए हैं.

ज्योतिरादित्य सिंधिया बुधवार को भाजपा में शामिल हो सकते हैं. दोपहर 12 बजे उनके आधिकारिक रूप से भाजपा की सदस्यता ग्रहण करने की खबर है. दूसरी तरफ सीएम कमलनाथ ने दावा किया है कि उनके पास बहुमत है और चिंता की कोई बात नहीं है. कमलनाथ ने भाजपा पर बागी विधायकों को कैद करने का आरोप भी लगाया.

मध्य प्रदेश की 230 सदस्यीय विधानसभा में दो सीटें फिलहाल रिक्त हैं. ऐसे में 228 सदस्यीय विधानसभा में कांग्रेस के पास मामूली बहुमत है. अगर 22 विधायकों के इस्तीफे स्वीकार कर लिये जाते हैं तो विधानसभा में सदस्यों की प्रभावी संख्या महज 206 रह जाएगी. उस स्थिति में बहुमत के लिये जादुई आंकड़ा सिर्फ 104 का रह जाएगा.

कांग्रेस के पास सिर्फ 92 विधायक रह जाएंगे, जबकि भाजपा के 107 विधायक हैं. कांग्रेस को चार निर्दलीयों, बसपा के दो और सपा के एक विधायक का समर्थन हासिल है. उनके समर्थन के बावजूद कांग्रेस बहुमत के आंकड़े से दूर हो जाएगी.

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