कोरोना मरीज़ पत्रकार की “हत्या?” में एम्स प्रशासन पर सवाल, इलाज में लापरवाही की की थी शिकायत

खबर सब तक पहुंचाएं

दैनिक भास्कर के पत्रकार तरुण सिसोदिया (Tarun Sisodia) की मौत के मामले में जो नये खुलासे हो रहे हैं उनसे एम्स का प्रशासन सवालों के घेरे में आ गया है. तरुण  सिसोदिया हेल्थ रिपोर्टर था और अस्पतालों के काले कारनामे उजागर करना उसके काम का हिस्सा था. रिपोर्टिंग के दौरान कोरोना पॉजिटिव होने के बाद तरुण करीब 15 दिन पहले इलाज के लिए एम्स ट्रामा सेंटर में एडमिट हुए थे. बताया जा रहा है कि उनके इलाज में लापरवाही बरती जा रही थी.

आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक ये मामला स्वास्थ्य मंत्रालय भी पहुंचा था जहां से बाकायदा ट्रामा सेन्टर से रिपोर्ट मांगी गई थी. बताया जा रहा है कि तरुण की शिकायत से प्रशासन नाराज था और तरुण के फोन को जब्त करके उन्हें ICU में शिफ्ट किया, ताकि वो आगे कोई शिकायत ना कर पाएं और अंदर की अव्यस्था की कहानी बाहर न जा सके.

आपको बता दें कि दिल्ली के एम्स ट्रामा सेंटर में एक कोरोना संक्रमित तरुण सिसोदिया ने चौथी मंजिल से छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली है. घायल स्थित में पत्रकार को ICU में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान मौत हो गई.

ये भी पढ़ें :  यूपी बीजेपी की नयी उपलब्धि है नरेश आग्रवाल, पार्टी में आते ही ऐसे बिखेरे संस्कार

पुलिस के मुताबिक, कथित तौर पर आत्महत्या करने वाले तरुण सिसोदिया कोरोना संक्रमित थे. एम्स के कोरोना वॉर्ड में उनका इलाज चल रहा था. इस हादसे के बाद उन्हें ICU में एडमिट कराया गया, जहां उनकी मौत हो गई.

तरुण को वेंटिलेटर की जरूत थी. कुछ दिनों पहले खबर आई थी कि तरुण अपने वॉर्ड से गायब हैं, उनका फोन भी बंद था. हालांकि हेल्थ बीट कवर करने वाले पत्रकारों को इसकी जानकारी हो गई थी.

बिना बताए तरुण को शिफ्ट करने का सवाल उठा तो घंटों बीत जाने के बाद एम्स प्रशासन ने बताया कि उन्हें ICU में शिफ्ट कर दिया गया है.

एम्स ने कहा कि तरुण मानसिक रूप से भी रोगी थे. उनका न्यूरोलॉजिस्ट और साइकियाट्रिक ट्रीटमेंट चल रहा था. सोमवार दोपहर करीब 1.55 बजे तरुण आईसीयू से भागकर चौथ फ्लोर पर आ गए और खिड़की से छलांग लगा दी.

आजतक की पत्रकार ने इस मामले में बाकायदा बड़े सवाल उठाए हैं. मौसुमी सिंह नामकी पत्रकार पूछती है कि

ये भी पढ़ें :  जादुई जाम पीते ही लड़कियां राम रहीम से मिलने को तड़प उठती थीं, हनी प्रीत की सहेली का खुलासा

-तरुण को कोरोना वॉर्ड से ICU में क्यों शिफ्ट किया गया ?

-फैमिली से पूरी तरह संपर्क क्यों खत्म किया गया, जबकि संपर्क में रहने से उन्हें मानसिक रूप से राहत मिलती?

-किन परिस्थितियों में तरुण ने अपने साथियों के एक ग्रुप में लिखा कि मेरा मर्डर हो सकता है?

-डायग्नोसिस में अगर न्यूरो और साइको कंडीशन थे तो ऐसे मरीज को कड़ी निगरानी में क्यों नहीं रखा गया?

-ICU से कैसे एक कोविड मरीज निकल गया और चौथी मंजिल से छलांग लगा दी?

-अपनी रिपोर्ट में एम्स कह रहा है कि उसके पीछे सुरक्षा कर्मी दौड़े, क्या एम्स, ICU से लेकर बाहर तक का CCTV फुटेज शेयर करेगा?

-तरुण सुसाइड के खिलाफ थे, उन्होंने इस पर दैनिक भास्कर में लेख भी लिखा था. फिर उन्होंने आत्महत्या जैसा रास्ता क्यों चुना ?

खबर लिखे जाने तक तरुण का पोस्टमॉर्टम नहीं हुआ है. लेकिन संदिग्ध केस होने के कारण जांच की मांग तेज़ हो गई है.


खबर सब तक पहुंचाएं