ब्रिटेन में विकीलीक्स के संस्थापक असांज गिरफ्तार, ऐसे खोली थी अमेरिकी कुकर्मों की पोल

दुनिया भर की सरकारों और राजनीतिक पार्टियों के कुकर्मों का भंडाफोड़ करने वाले दुनिया के जाने माने पत्रकार जुलियस असांज को गुरुवार को ब्रिटिश पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया. असांज विकीलीक्स के संस्थापक है. विकी लीक्स खुलासों के बाद दुनिया भर की ताकतें उनके पीछे लगी थीं. असांज ने भारत की कई राजनीतिक पार्टियों के दोहरे चरित्र और अमेरिका परस्ती की भी पोल खोल दी थी

असांजे ने विकीलीक्स की वेबसाइट पर इराक युद्ध से जुड़े चार लाख दस्तावेज सार्वजनिक किए थे. इसके जरिए उन्होंने अमेरिका, इंग्लैंड और नाटों की सेनाओं पर युद्ध अपराध का आरोप लगाया था. असांजे पर यह भी आरोप है कि अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव के दौरान रूसी खुफिया एजेंसियाें ने हिलेरी क्लिंटन के कैम्पेन से जुड़े ईमेल हैक कर उन्हें विकीलीक्स को दे दिया था.

भारतीय जनता पार्टी जब देस में परमाणु नीति का विरोध कर रही थी तो अमेरिका से कह रही थी कि वो दिखावा कर रही है लेकिन बिल को पास हो जाने देगी.भारतीय दूतावास का ये केबल भी असांज ने लीक किया था. इससे कांग्रेस और बीजेपी के अमेरिका के मानले में मिले होने का पता चला था.

असांजे ने 2012 से इक्वाडोर के दूतावास की शरण में थे.  इक्वाडोर के राष्ट्रपति लेनिन मोरेनो ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समझौतों के लगातार उल्लंघन के चलते हम असांजे को और शरण नहीं दे सकते थे. इक्वाडोर के इस फैसले के बाद 2012 में जारी वारंट के तहत असांजे को गिरफ्तार किया गया. उन्हें वेस्टमिनिस्टर कोर्ट में पेश किया जाएगा.

हालांकि, विकीलीक्स ने कहा कि इक्वाडोर ने असांजे की राजनीतिक शरण को अंतरराष्ट्रीय समझौतों का उल्लंघन करार देकर गैरकानूनी कदम उठाया है. विकीलीक्स ने अमेरिकी जांच एजेंसी सीआईए को भी इस कदम के पीछे जिम्मेदार ठहराया है. ब्रिटेन के गृह सचिव साजिद जावीद ने ट्वीट कर जानकारी दी कि असांजे पुलिस की गिरफ्त में हैं और ब्रिटेन में अदालत का सामना कर रहे हैं.

असांज पर बलात्कार और यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया गया है. यही आरोप भारत में तहलका के संस्थापक तरुण तेजपाल पर लगाया गया था.  दोनों ही बड़े खुलासों के कारण प्रसिद्ध हुए थे.

इक्वाडोर के साथ असांजे के संंबंध तब तल्ख हो गए, जब उन पर राष्ट्रपति मोरेनो से जुड़ी निजी जानकारियां लीक करने का आरोप लगा. मोरेनो ने भी असांजे पर शरण देने के समझौते की शर्तें तोड़ने का आरोप लगाया. हालांकि, उन्होंने ब्रिटेन से अपील की कि असांजे को किसी ऐसे देश में प्रत्यर्पित ना किया जाए जहां उन्हें शारीरिक प्रताड़ना या मौत की सजा दी जाए.

असांजे पर लगे थे रेप के आरोप

2010 में स्वीडन की पुलिस ने रेप और यौन शोषण के दो मामलों में जूलियन असांजे से पूछताछ की. इसके बाद असांजे के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया ताकि रेप और शोषण के आरोपों पर उनसे पूछताछ की जा सके. हालांकि, 2012 में असांजे के इक्वाडोर दूतावास में शरण लेने के बाद उन पर से रेप के आरोप हटा लिए गए थे. लेकिन, इसके बावजूद असांजे ने दूतावास से बाहर निकलने से मना कर दिया था, क्योंकि उन्हें आशंका थी कि विकीलीक्स में किए गए काम के चलते उन्हें अमेरिका प्रत्यर्पित कर दिया जाएगा.

युद्ध से जुड़े दस्तावेज किए थे सार्वजनिक

मार्च 2018 से असांजे का इंटरनेट कनेक्शन भी काट दिया गया था. इसका कारण असांजे के द्वारा किया गया वादा था, जिसमें उन्होंने कहा था कि वह बाकी देशों से रिश्तों को लेकर कोई मैसेज नहीं करेंगे, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया.

असांजे ने विकीलीक्स की वेबसाइट पर इराक युद्ध से जुड़े चार लाख दस्तावेज सार्वजनिक किए थे. इसके जरिए उन्होंने अमेरिका, इंग्लैंड और नाटों की सेनाओं पर युद्ध अपराध का आरोप लगाया था. असांजे पर यह भी आरोप है कि अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव के दौरान रूसी खुफिया एजेंसियाें ने हिलेरी क्लिंटन के कैम्पेन से जुड़े ईमेल हैक कर उन्हें विकीलीक्स को दे दिया था.