जो बिडन ने कहा मैं जीता तो भारत की सीमाओं की रक्षा अमेरिका करेगा !

अमेरिकी चुनाव में डेमोक्रैटिक पार्टी के उम्मीउदवार जो बिडन ने कहा है कि अगर वह राष्ट्रपति बनते हैं तो उनका प्रशासन भारत पर आने वाले हर खतरे से मुकाबला करने के लिए नई दिल्ली के साथ खड़ा रहेगा. यहां तक कि वो भारत की सीमाओं की रक्षा भी करेगा.

बिडन ने कहा कि अगर मैं राष्ट्र्पति बनता हूं तो मैं आगे भी इसमें विश्वास जारी रखूंगा. साथ ही इलाके में भारत पर उसी के इलाके और सीमा पर आने वाले खतरों के समय खड़ा रहूंगा. उन्होंने कहा कि वह दोनों देशों के बीच दोतरफा व्यापार के विस्तार पर काम करेंगे और जलवायु परिवर्तत तथा वैश्विक स्वा‍स्थ्य  सुरक्षा जैसे मुद्दों का मिलकर सामना करेंगे.

भारतीय मूल की कमला हैरिस को अपना उपराष्ट्रपति उम्मीदवार बनाने वाले बिडन ने भारत और अमेरिका के बीच ‘संबंधों’ को और मजबूत बनाए जाने का आह्वान किया.

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उन्हों ने H1B वीजा के खिलाफ ऐक्शन लेने के लिए ट्रंप की आलोचना की और वादा किया कि वह राष्ट्रपति बने तो भारतीय समुदाय पर भरोसा करते रहेंगे.

अमेरिका में 3 नवंबर को राष्ट्र पति चुनाव होने हैं और 77 साल के जो बिडन वर्तमान राष्ट्रबपति और रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीरदवार डोनाल्ड ट्रंप को चुनौती दे रहे हैं.

बिडन ने भारत के स्वरतंत्रता दिवस पर भारतीय समुदाय को संबोध‍ित करते हुए कहा, ’15 साल पहले मैं भारत के साथ ऐतिहासिक परमाणु समझौते को स्वीकृति दिलाने के लिए जारी प्रयासों का नेतृत्वम कर रहा था. मैंने उस समय कहा था कि अगर भारत और अमेरिका नजदीकी मित्र और भागीदार बन गए तो यह दुनिया एक सुरक्षित स्थान बन जाएगी.’

डेमोक्रैटिक पार्टी के उम्मीहदवार ने कहा कि वह दोनों लोकतंत्रों को मजबूत करने का काम करेंगे जहां विवि‍धता समान शक्ति है. उन्होंने कहा कि भारतीय मूल के अमेरिकी लोगों के प्रति उनका पूरा समर्थन जारी रहेगा. मेरे सहयोगी भारतीय हैं, ओबामा प्रशासन ने भी सबसे ज्यादा भारतीयों को अपने प्रशासन में जगह दी और अब मैंने भारतीय मूल की कमला हैरिस को अपना उपराष्ट्रपति उम्मीदवार चुना है. अगर हम जीतते हैं तो कमला हैरिस पहली भारतीय मूल की उपराष्ट्रपति होंगी.

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विशेषज्ञों का कहना है कि जो बाइडेन को निश्चित रूप से इसका लाभ होगा, क्योंकि कमला अश्वेत हैं और महिला भी. वह सीधे-सीधे, ‘ब्लैक लाइफ मैटर’ को सपोर्ट ना करके कमला हैरिस को सामने ले आए हैं. हालांकि डेमोक्रेटिक पार्टी से जिन पांच महिलाओं के नाम चल रहे थे, उनमें सारी की सारी अश्वेत महिलाएं ही थीं. उनमें से एक महिला ऐसी थी, जो प्रवासी की संतान थी.