JNU छात्र संघ चुनाव में फिर लहराया लाल परचम, वोट कटवा भी फेल

भारी हंगामे और उपद्रव के बाद आखिरकार रविवार दोपहर जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्र संघ (JNUSU) चुनाव 2018 की मतगणना पूरी कर ली गई है. लेफ्ट ने जेएनयू में अपना दबदबा बरकरार रखते हुए चारों सीटों पर धमाकेदार जीत दर्ज की है. ABVP को चारों पदों पर दूसरे स्थान से संतोष करना पड़ा है. परिणाम घोषित होते ही जेएनयू में लेफ्ट के पैनल में खुशी की लहर है. लेफ्ट समर्थकों ने इस मौके पर एक दूसरे को रंग लगाकर और अपने झंडे फहराकर खुशी मनाई.

 

अध्यक्ष

एन साई बालाजी(लेफ्ट)- 2161

ललित पांडेय(abvp)- 982

 

उपाध्यक्ष

सारिका चौधरी( लेफ्ट)- 2692

गीताश्री बरुआ (abvp)- 1012

 

महासचिव

एजाज़ अहमद(लेफ्ट)- 2423

गणेश गुजर (abvp)- 1123

 

सह सचिव

अमूथा जयदीप(लेफ्ट)- 2047

वैंकट चौबे (abvp)- 1290

 

JNUSU चुनाव 2018 की मतगणना शुक्रवार रात 10 बजे शुरू हुई थी. ABVP के भारी हंगामे, हिंसा और उपद्रव के बाद शनिवार तड़के चार बजे मतगणना रोक दी गई थी. करीब 14 घंटों के गतिरोध के बाद शनिवार शाम करीब साढ़े छह बजे उपद्रव शांत करा मतगणना दोबारा शुरू की गई. साथ ही शिकायत प्रकोष्ठ सेल के दो शिक्षकों को मतगणना स्थल पर बतौर ऑब्जर्वर तैनात किया गया है. साथ ही वहां सीआरपीएफ तैनात कर दी गई है. इससे पहले शनिवार तड़के निर्वाचन अधिकारियों ने एबीवीपी कार्यकर्ताओं पर मतगणना स्थल पर जबरन प्रवेश करने, मारपीट करने और मतपेटियां छीनने का प्रयास करने का आरोप लगाते हुए मतगणना रोक दी थी.

एबीवीपी ने निर्वाचन अधिकारियों द्वारा लगाए गए आरोपों से इंकार किया है. एबीवीपी ने चुनाव अधिकारियों पर वामपंथी संगठनों के साथ मिलकर पक्षपात करने का आरोप लगाते हुए अदालत जाने की धमकी दी थी. एबीवीपी का आरोप है कि उन्हें मतगणना प्रक्रिया की जानकारी नहीं दी गई थी. पहले राउंड में उनके पोलिंग एजेंटों को मतगणना के लिए बुलाया ही नहीं गया और चुनाव अधिकारियों ने वामपंथी गठबंधन के साथ मतगणना शुरू कर दी थी. इसे लेकर शनिवार सुबह एबीवीपी ने विरोध जताया था. कुछ देर बाद मतगणना स्थल पर मारपीट, तोड़फोड़, नारेबाजी और भारी उपद्रव शुरू हो गया था. इसके बाद मतगणना स्थगित कर दी गई थी.

चुनाव समिति का कहना है कि मतगणना एजेंटों के आने के लिये घोषणा की गई थी. सभी नियमों का पालन किया गया है. उसने मतगणना शुरू होने से पहले तीन बार घोषणा की और लाउडस्पीकर के जरिये मतगणना स्थल के बाहर खड़े छात्रों को भी इसकी जानकारी दी गई थी. इसके बाद सुरक्षाकर्मियों को सूचना देकर मतगणना एजेंटों को एकत्र करने को कहा गया था. 10 उम्मीदवारों के 14 मतगणना एजेंट मतगणना स्थल पर पहुंचने के बाद मतगणना प्रक्रिया शुरू गई थी. मतगणना एजेंटों की मौजूदगी में सीलबंद बक्सों को खोला गया था.

इससे पहले जेएनयू छात्रसंघ चुनाव के लिए शुक्रवार सुबह 10 बजे से शाम 5.30 बजे तक वोट डाले गए. बीते कुछ वर्षों की तुलना में इस साल छात्रसंघ चुनाव में रिकॉर्ड तोड़ मतदान हुआ. 68 फीसद विद्यार्थियों ने मतदान दिया. 8700 छात्रों से 7650 ने मतदान में हिस्सा लिया. जेएनयू में 1970 से चुनाव हो रहा है.

चुनाव समिति के मुख्य चुनाव अधिकारी हिमांशु कुलश्रेष्ठ ने कहा कि 2012 में सुप्रीम कोर्ट की लिंगदोह समिति की सिफारिशों को जेएनयू में लागू किया गया था. उसके बाद समिति की सिफारिशों के अनुरूप चुनाव होते रहे. बीते सात वर्षों में कभी भी 60 फीसद वोट नहीं डाले गए, जबकि इस बार 68 फीसद मतदान हुआ. हिमांशु ने कहा कि 40 वर्षों के इतिहास में मतदान का औसत क्या रहा, इस बारे में चुनाव समिति के अधिकारियों से पता करना होगा. इस साल भारी मतदान हुआ.

 

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