क्या अमिताभ बच्चन अब भी उतने ही सर्वमान्य हैं ? सोचने को मजबूर कर देगा ये लेख

लेखक राजेश शर्मा देश के जाने माने लेखक और पत्रकार हैं. देश के कई बड़े
टीवी प्रोजेक्ट ओर देश के टॉप अखबारों में अपनी सेवाएं दे चुके हैं

इस बात में आप तीन संयोग खोज सकते हैं कि अमिताभ बच्चन अपनी अस्पताल यात्रा के कारण एक बार फिर वैसे ही सुर्खियों में हैं, जैसा वह अपने फिल्मी कैरियर की पीक पर थे. पहला संयोग यह है कि जुलाई के इसी महीने में 1982 में बुरी तरह से घायल होने के बाद उन्होंने मौत को कड़े संघर्ष में मात दी और लगभग पुनर्जन्म लिया. वो स्थिति भी मानव निर्मित आपदा थी और इस बार का उनका संकट भी. तीसरा लेकिन सबसे विचित्र संयोग यह है कि पैदाइश के 39वें साल और अब उसके लगभग 39 साल बाद, अपने 78वे वर्ष में उन्हें फिर से चिंताजनक समय देखना पड़ रहा है.

लेकिन जो चौथी बात सबसे अलग है, वो यह है कि उस समय लगभग पूरा देश उनके लिए दुआएं मांग रहा था जबकि इस बार दो अलग तरह के रिएक्शंस देखने को मिल रहे हैं. उनको शुभकामनाएं देने के साथ-साथ सोशल मीडिया पर उनकी इस अस्पताल यात्रा को शक और अविश्वास के दायरे में देखने वाली पोस्ट्स भी बहुतायत में हैं, यह भारतीय समाज की मानसिकता में आए एक बहुत बड़े बदलाव की सूचना देने के अलावा खतरे की घंटी भी है. मोटे तौर पर इसका कारण बहुत साफ है फिल्मी पर्दे पर एक परफेक्ट आदमी की छवि का किरदार निभाने वाले अमिताभ बच्चन असली जिंदगी में मानवीय मूल्यों की कसौटी पर खरा उतरने में लगातार असफल हुए हैं, सामाजिक जिंदगी जीने वाले तमाम व्यक्तियों पर एक नैतिक जिम्मेदारी होती है.

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उन अपेक्षाओं पर खरा उतरने के लिए जिस आत्मबल की जरूरत होती है, अमिताभ बच्चन उस कसौटी पर 1986 के बाद से लगातार फेल होते चले आए हैं. गौरतलब बात यह है कि इसके लिए जिम्मेदार भी वही हैं. उनसे पहले भारतीय फिल्मों के इतिहास में दो सुपरहीरो और रहे हैं लेकिन उन्होंने कभी सामाजिक जिंदगी को उस तरह से नहीं अपनाया कि उनसे अपेक्षाएं पैदा हों. दिलीप कुमार और राजेश खन्ना सामाजिक लाइमलाइट भरी जिंदगी से दूर ही रहे.

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थोड़ा और स्पष्ट शब्दों में लिखा जाए तो व्यक्तिगत हित को लेकर समय-समय पर बदलती राजनैतिक विचारधारा और प्रतिबद्धता अमिताभ के लिए लगातार विवादों का सबब रही है. पिछले एक दशक में इसने उनकी उस छवि को काफी नुकसान पहुंचाया है, जो उन्होंने लगभग 50 सालों के फिल्म कैरियर के दौरान अर्जित की और सदी के महानायक का खिताब हासिल किया. उम्मीद है कि जल्दी ही वो स्वस्थ होंगे और असली जिंदगी में भी महानायक की तरह वापसी करके फिल्मी पर्दे पर अपना सफर जारी रखेंगे.