तेजी से गिर रही है भारत की अंतर्राष्ट्रीय साख, हर देश से सख्त टिप्पणियां

भारत में आजादी का स्तर लगातार गिर रहा है. ये हम नहीं कर रहे अंतर्राष्ट्रीय रिपोर्ट और मीडिया की राय यही है. इन वजहों से भारत की साख भी गिरी है और धीरे धीरे हमारा सम्मान सबसे बड़े लोकतंत्र के तौर पर कम हुआ है. नीचे दी गईं अंतर्राष्ट्रीय मीडिया की खबरें खुद ब खुद सबकुछ कह रही हैं.

हाल में बांग्लादेश में मोदी गो बैक के नारे हों. या ईरान की निंदा या इस्लामिक देशों के संगठनों का कड़ा रुख इस सब को हमने अपनी खबर में जगह नहीं दी है क्योंकि हिंदूवादी शायद इन आलोचनाओं को मुसलमानों का नजरिया कहकर नकार देते लेकिन ये खबरें उन देशों से हैं जो हमें हमेशा सम्मान की नजर से देखते रहे हैं.

ब्रिटेन की संसद में सवाल
ब्रिटेन के हाउस ऑफ कॉमन्स में जस मजबूती से भारत के खिलाफ बात हुई ऐसा हाल के दशकों में कभी नहीं देखने को मिला. सरकार के रवैये के कारण जबरदस्त गिरावट दर्ज की गई. ब्रिटेन की संसद के सदस्यों ने कहा कि दंगे प्रधानमंत्री मोदी के कारण हुए. इस वीडियो में आप चर्चा देख सकते हैं लेकिन इससे पहले और भी जानकारी वीडियो के बाद है जो बताती है कि कैसे देश की साख तेजी से गिरी.

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भारत निवेश के लिए ठीक नहीं रहा -ब्लूमबर्ग
जानी मानी वित्त पत्रिका और दुनिया भर में साख रखने वाली ब्लूमबर्ग ने भारत में निवेश के माहौल के बेहद घटिया करार दिया है. ब्लूमबर्ग ने लिखा है कि कुछ समय पहले तक भारत सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था थी. लेकिन सरकार निवेश के लिए जरूरी राजनीतिक स्थिरता को कायम रखने में नाकाम रही है. सरकार लगातार चेतावनियों के बावजूद गलतियां करती रही और विभाजनकारी नीतियों से आर्थिक वातावरण का बेड़ा गर्क कर दिया.
https://www.bloomberg.com/news/articles/2020-03-04/deadly-riots-in-delhi-have-investors-rethinking-india-s-future

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तेजी से गिरी देश की इज्जत – न्यूयॉर्क टाइम्स
न्यूयॉर्क टाइम्स ने लिखा है कि हाल की हिंसा और सरकार की नीतियों के कारण भारत की अंतर्राष्ट्रीय महत्वाकांक्षाओं पर बुरा असर पड़ा है. भारत को सबसे बड़े लोकतंत्र होने के कारण जो सम्मान मिलता था वो उदार नीतियों से हिंदू राष्ट्रवाद की तरफ झुकाव से कम हुआ है और इससे उसकी साख पर सवाल उठ रहे हैं.https://www.nytimes.com/2020/03/05/world/asia/india-violence-diplomacy.htm

गुलाम देश की तरफ बढ़ रहा है भारत- हफिंगपोस्ट
उधर अमेरिकी सरकार के लिए काम करने वाली एक संस्था के अध्ययन में बताया गया है कि भारत में स्वतंत्रता का स्तर गिरा है. लोकतंत्र कमजोर हुआ है. इस संस्था ने भारत में आजादी कम होने की बात कही है जिसका मतलब ये है कि देश धीमी रफ्तार से ही सही गुलाम देश बनने की तरफ बढ़ रहा है. इस संस्था ने कश्मीर को आजाद जगह की सूची से बाहर निकाल दिया है. https://www.huffingtonpost.in/entry/india-human-rights-kashmir-2020-freedom-report_in_5e5f35edc5b67ed38b3a553e

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मुसलमानों पर अत्याचार – ब्रिटिश सांसद
ब्रिटेन में ही भारतीय मूल के सबसे कम उम्र की सांसद नाडिया विट्होम ने दिल्ली की हिंसा का मसला उठाया. उन्होंने संसद में भारत सरकार की आलोचना की. उन्होंने कहा कि ब्रिटेन की सरकार भारत में लगातार और सोचे समझे तरीके से चल रही सुनियोजित हिंदुत्व वाली हिंसा के खिलाफ बयान दे. उन्होंने काह कि मुसलमानों के खिलाफ भारत में मोदी और बीजेपी की सरकार हिंसा कर रही है और ब्रिटेन को इसको बर्दाश्त नहीं करना चाहिए.

ये हाल की कुछ खबरें हैं जो बताती है कि किस तरह भारत की साख अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर तेजी से गिरी है.