बालाकोट के बाद भारतीय मिसाइल ने अपने ही 7 लोगों को मार गिराया ?

क्या बालाकोट हवाई हमले के बाद भारत का एमआई-17 हेलीकॉप्टर भारतीय वायु सेना के मिसाइल की चपेट में आ गया था? प्रारम्भिक जाँच से लगता है कि 27 फ़रवरी को इस हेलीकॉप्टर के उड़ान भरने के ठीक पहले भारतीय वायु सेना की सुरक्षा प्रणाली ने एक मिसाइल दागी थी. उसके तुरन्त बाद एमआई 17 वी 5 हेलीकॉप्टर जम्मू-कश्मीर के बडगाम में गिर गया था, जिससे उसमें सवार छह सैनिक और ज़मीन पर मौजूद एक नागरिक मारे गए थे.

जाँचकर्ता इस मामले के सभी बिन्दुओं की गहराई से अध्ययन कर रहे हैं. वे यह भी पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि आईएफ़आईएफ़ यानी ‘आइडेन्टिफ़ाई फ्रेंड ऑर फ़ो’ प्रणाली चालू की गई थी या नहीं. आगे बढ़ रहा विमान दुश्मन देश का है या अपने ही देश का, इस प्रणाली से यह पता चल जाता है. जाँच पूरी हो जाने के बाद इससे जुड़े दोषी अफ़सरों का कोर्ट मार्शल भी हो सकता है.

जाँचकर्ता यह पता लगा रहे हैं कि अपने ही देश की मिसाइल या वायु सुरक्षा प्रणाली की चपेट में अपने विमान के आने से बचने के लिए पहले से कई स्तरों पर मौजूद सुरक्षा प्रणाली में चूक क्यों और कैसे हुई. समझा जाता है कि पाकिस्तान से 25 विमानों के काफ़िले के भारतीय सीमा की ओर तेज़ी से बढ़ने की ख़बर मिलने के बाद भारतीय सुरक्षा प्रणाली ने इसरायल में बनी एक मिसाइल को सक्रिय करके तैयार रखा था. यह आशंका जताई गई कि यह काफ़िला तुरन्त भारतीय सीमा के अंदर घुस जाएगा. इसके साथ ही यह आशंका भी जताई गई थी कि पाकिस्तान अपनी यूएवी (अनमैन्ड एरियल वीकल) यानी ड्रोन का इस्तेमाल हमला करने में कर सकता है. यूएवी कम ऊंचाई पर उड़ता है.

यह अनुमान लगाया जा रहा है कि कम ऊंचाई पर और धीमी रफ़्तार से उड़ रहे हेलीकॉप्टर को भारतीय सुरक्षा प्रणाली के लोगों ने ग़लती से पाकिस्तान का ड्रोन समझ लिया होगा और उसे लक्ष्य कर मिसाइल चला दी होगी.

द इकोनॉमिक टाइम्स अख़बार ने भारतीय वायु सेना के एक आला अफ़सर के हवाले से कहा है कि हवाई हमले का अलर्ट जारी होने के बाद कई बातें एक साथ होती हैं. ट्रांसपोर्ट जहाज़ और हेलीकॉप्टर के उड़ने और उड़ कर बाहर निकलने के नियम-क़ानून और तौर तरीके अलग होते हैं और लड़ाकू जहाज़ों के उड़ने के नियम-क़ानून और तौर तरीके अलग. इसके साथ ही ‘आइडेन्टिफ़ाई फ्रेंड ऑर फ़ो’ प्रणाली चालू रखना अनिवार्य होता है.

भारतीय वायु सेना ने कोर्ट ऑफ़ इनक्वायरी का आदेश दे दिया है, जाँच की जा रही है. इन अफ़सरों को ज़मीन पर मौजूद प्रणाली की पूरी जानकारी और हेलीकॉप्टर जितनी देर आकाश में उड़ता रहा, उसकी पूरी जानकारी मुहैया कराई जा रही है. यह हेलीकॉप्टर लगभग 10 मिनट तक उड़ता रहा. नियंत्रण रेखा के पास नौशेरा सेक्टर में पाकिस्तानी जहाजों के घुस आने की वजह से भारतीय वायु सेना की सुरक्षा प्रणाली बेहद तनाव में थी, हो सकता है इस वजह से कुछ ग़लतियाँ हुई हों. इसके पहले पाकिस्तानी वायु सेना ने नौशेरा सेक्टर में विमान के आने की बात तो मानी, पर उसने साफ़ कहा कि हेलीकॉप्टर के गिरने में उसकी कोई भूमिका नहीं है.