इसे पढ़कर आप भी मानेंगे कि सुप्रीम कोर्ट से भी खेल रहे हैं लोग

चीफ जस्टिस रंजन गोगोई पर आरोप लगाने का मामला देखने में एक सनसीखेज आरोप का लगता है लेकिन सुप्रीम कोर्ट काल के घटनाक्रम को देखें तो आपको लगेगा कि सबसे ऊंची अदालत के स्टाफ में कुछ ऐसे लोगों की घुसपैठ है जो न्याय के प्रभावित करने की लगातार कोशिशें करते रहे हैं. सबसे पहले हम लेते हैं सबसे ताज़ा खबर.

सुप्रीम कोर्ट के वकील उत्सव बैंस ने दावा किया है कि चीफ जस्टिस को बदनाम करने के लिए उनके पास भी कुछ लोग (फिक्सर) आए थे और उन्हें रिश्वत देने की कोशिश की थी.

सुप्रीम कोर्ट के वकील उत्सव बैंस ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट किया है कि उन्हें चीफ जस्टिस रंजन गोगोई के खिलाफ यौन उत्पीड़न की ऐसी जबरदस्त कहानी गढ़ने का ऑफर आया था, जिससे सीजेआई को इस्तीफा देने पर मजबूर होना पड़े.

फेसबुक पर लिखे गए इस पोस्ट में उत्सव ने दावा किया है कि फिक्सरों की मांग ठुकराने के बाद उन्होंने ये पूरा मामला चीफ जस्टिस को बताने का प्रयास किया, इसके लिए वो चीफ जस्टिस के आवास पर भी गए लेकिन वो उस वक्त घर पर मौजूद नहीं मिले. बैंस ने बताया कि इसकी डिटेल्स भी खंगाली जा सकती हैं. सीजेआई पर आरोप के बाद ये पूरा मामला शनिवार को कोर्ट की सुनवाई के बाद सामने आया था.

कोर्ट के अंदर तक गद्दारों की घुसपैठ

बीते दिनों चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने कार्रवाई करते हुए दोनों कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया था. इन दोनों के नाम दरअसल मानव शर्मा और तपन कुमार चक्रवर्ती है. इन दोनों ने अदालत की वेबसाइट पर अपलोड किए गए न्यायिक आदेश को बदल दिया. सुप्रीम कोर्ट का आदेश था कि अनिल अंबानी टेलीकॉम कंपनी एरिक्सन द्वारा दायर अवमानना याचिका में व्यक्तिगत रूप से पेश हों. लेकिन इन कर्मचारियों ने आदेश में फेरबदल करके उसे इंटरनेट पर डाल दिया. इंटरनेट पर डाले गए आदेश में व्यक्तिगत पेशी की बात गायब कर दी गई थी.

अनिल अंबानी की एक राजनीतिक पार्टी से नज़दीकी किसी से छिपी नहीं है. सब जानते हैं कि किस तरह अंबानी को फायदा पहुंचाने के आरोपों में खुद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी घिर चुके हैं.

बीते सात जनवरी को, सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट पर अपलोड किए गए आदेश में कहा गया था कि ‘कथित अवमानना करने वाले की व्यक्तिगत उपस्थिति को खारिज कर दिया गया है’. हालाकि, यह आदेश उस दिन अदालत में जो कहा गया था, उसके विपरीत था.

ऐसे चीफ जस्टिस के आसपास कसा घेरा

सुप्रीम कोर्ट में हुई विशेष सुनवाई के दौरान सीजेआई गोगोई ने कहा था कि सुप्रीम कोर्ट की पूर्व महिला कर्मचारी के आरोप अविश्वसनीय हैं और यह सीजेआई कार्यालय को निष्क्रिय करने के लिए कुछ बड़ी ताकतों द्वारा रची गई साजिश का हिस्सा है. गोगोई ने कहा कि वह इन आरोपों का खंडन करने के लिए भी इतना नीचे नहीं गिरेंगे.

यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने वाली महिला के हलफनामे की कॉपी सुप्रीम कोर्ट के 22 न्यायाधीशों के आवास पर भेजे जाने के बाद शनिवार को इसके सार्वजनिक होने पर जस्टिस गोगोई की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय विशेष पीठ गठित की गई. महिला ने अपने हलफनामे में कथित छेड़छाड़ की दो घटनाओं का जिक्र किया है.

इस आरोपों पर चीफ जस्टिस ने कहा है कि इसके पीछे कोई न कोई बहुत बड़ी ताकत होगी. चीफ जस्टिस के इस दावे के बाद अब सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील ने सीजेआई के खिलाफ साजिश की योजना का पर्दाफाश किया है.

हम तीनों मामलों में कुछ नहीं कहेंगे लेकिन आपस में इन घटनाओं को समझकर बहुत कुछ नतीजे निकाले जा सकते हैं.