हिस्ट्रीशीटर से साधु बने गोल्डन बाबा का निधन, इंदिरा पुरम की पॉश सोसायटी में था घर

सुधीर कुमार मक्कड़ उर्फ गोल्डन बाबा (Sudhir Kumar Makkar alias Golden Baba) का एम्स में इलाज के दौरान निधन हो गया है. गोल्डन बाबा गंभीर बीमारी के कारण 18 मई से एम्सी में भर्ती था. 30 जून की रात 9:53 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली. वह पंचदशनाम जूना अखाड़ा, बरेली के महंत था. कांवड़ यात्रा में 20 किलो तक सोना पहनकर निकलने के कारण बाबा मीडिया की चर्चित खबर बना रहता था. बाबा की महामंडलेश्वर की उपाधि वापस ले ली गई थी और बाबा बनने के बाद भी वो चर्चाओं में रहा करता था.

उनका असली नाम सुधीर कुमार मक्कड़ है तथा उन पर हरिद्वार और दिल्ली सहित विभिन्न थाना क्षेत्र में 34 मामले चल रहे हैं. इन्हे में दिल्ली के गांधी नगर में अपहरण का मामला बहुत गंभीर है. साथ ही हरिद्वार की संपत्ति फर्जी रूप से बेचने का मामला गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है. ये बाबा महामंडलेश्वर जैसी प्रतिष्ठित उपाधि हासिल कर चुका है. बाद में राधे मां के साथ उसकी महामंडलेश्वर की उपाधि छीन ली गई थी. कुंभ से ठीक पहले जूना अखाड़े ने उसका रिकॉर्ड खंगाला और उसे अखाड़े में ज़मीन देने से इनकार कर दिया.

अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत नरेंद्र गिरि ने बताया कि अखाड़ों द्वारा अपने बाबाओं पर की गई कार्रवाई का स्वागत करते हैं. गलत छवि वाला कोई धर्माचार्य किसी अखाड़े में नहीं रहना चाहिए. अखाड़ा परिषद स्वयं फर्जी बाबाओं के विरुद्ध कार्रवाई करने में जुटा हुआ है. उन्होंने कहा कि महानिर्वाणी अखाड़े के स्वामी नित्यानंद पर अभी कोई आरोप सिद्ध नहीं हुआ है, अत: उन्हें महामंडलेश्वर नगर में भूमि आवंटित की जानी चाहिए.

हाल ही में इसे कुंभ में गिरफ्तार किया गया था. जब पुलिस ने इसे गिरफ्तार किया ये मौजगिरि आश्रम के पास था. ये बाबा पुराना हिस्ट्रीशीटर रहा है और इस पर कई केस चल रहे हैं . बाबा पर इस मामले में प्रयागराज के दारागंज थाना में केस भी दर्ज है. बाबा को कल आधी रात के बाद पुलिस ने यमुना बैंक रोड पर मौजगिरी आश्रम के पास से अपनी हिरासत में ले लिया. सिपाही को धमकी देने के मामले में बाबा के साथ उनके तीन अनुयायियों को भी पकड़कर पुलिस रात दो बजे तक पूछताछ कर रही थी.

कुंभ मेले में डयूटी पर संभल से आया सिपाही सतीश कुमार इस बाबा की सुरक्षा में तैनात था. कुछ दिनों पहले बाबा उसे बिना उच्चाधिकारियों की अनुमति लिए गाजियाबाद ले गया था. वहां पर सिपाही सतीश ने इसका विरोध किया तो बाबा ने उसे धमकी दी. सिपाही का आरोप था कि बाबा ने उसे रास्ते में रोककर गाली गलौज की और उनके साथी सोनू ने गला कसकर मारने का प्रयास किया. 

गोल्डन बाबा का अंतिम संस्कार पूर्वी दिल्ली के गीता कॉलोनी श्मशान घाट पर थोड़ी देर में किया जाएगा. उनका पार्थिव शरीर श्मशान घाट पर पहुंच गया है. इस मौके पर उनके चाहने वाले कई लोग श्मशान घाट पर पहुंच गए हैं.

गोल्डन बाबा इंदिरापुरम जीसी ग्रैंड सोसाइटी में अपनी पत्नी के साथ रहते था. बताया जा रहा है कि लंबे समय से उन्हें सांस लेने में तकलीफ थी. इसके चलते उनका इलाज चल रहा था. समस्या बढ़ने पर 18 मई को उन्हें एम्स में भर्ती कराया गया था. सोसायटी के लोगों के अनुसार तभी से उनकी पत्नी दिल्ली स्थित उनके आवास में ही थी. जीसी ग्रैंड के ए ओ ए अध्यक्ष अमरीश गर्ग ने बताया कि सोसाइटी के लोगों को आज सुबह ही उनके निधन की सूचना मिली है. फिलहाल उनके फ्लैट में ताला लगा है.