मरीज़ को ऑपरेशन टेबल पर छोड़कर डॉक्टर ने फ्लाइट पकड़ी, दिल्ली के पास गुरुग्राम का मामला

शहर के एक जाने-माने अस्पताल के डॉक्टर पर मरीज के इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगा है. पीड़ित घरवालों का कहना है कि जिस ऑर्थोपेडिक सर्जन के नाम से ऑपरेशन किया गया वह डॉक्टर हॉस्पिटल में मौजूद ही नहीं था. डॉक्टर ऑपरेशन के बीच में ही फ्लाइट पकड़कर रवाना हो गए. ऑपरेशन के बाद मरीज का बीपी कंट्रोल नहीं हुआ और उसकी मौत हो गई.

नव भारत टाइम्स के मुताबिक परिजनों का यह भी आरोप है कि ऑपरेशन के बाद डॉक्टर से मिलवाने को कहा तो हॉस्पिटल ने डॉक्टर के मौजूद न होने की बात कही. घरवालों ने जब हंगामा किया तो हॉस्पिटल प्रबंधन ने मामला निपटाने की बात कही.


गांव नौरंगपुर निवासी भीम सिंह (65) शुक्रवार रात श्याम बाबा के दर्शन कर राजस्थान के रिंगस से लौट रहे थे. रास्ते में राजस्थान के बहरोड के पास उनकी गाड़ी का टायर फट गया. स्टैपनी बदलकर वे दोबारा गाड़ी में बैठ रहे थे तभी पीछे से तेज रफ्तार ट्रक ने टक्कर मार दी. इससे उनके पैर कुचल गए. उनके भतीजे नितिन ने बताया कि आनन-फानन में उन्हें बहरोड के कैलाश हॉस्पिटल में एडमिट किया गया. वहां फर्स्ट ऐड देने के बाद उन्हें गुड़गांव के आर्टिमिस हॉस्पिटल रेफर किया.

शनिवार सुबह करीब 6 बजे परिजन पीड़ित को लेकर आर्टिमिस पहुंचे. यहां मौजूद डॉक्टरों ने जल्द से जल्द ऑपरेशन करने की बात कही. ऑपरेशन से पहले परिजनों से 3 लाख रुपये जमा करवाए. नितिन का आरोप है कि जल्दी कहते हुए भी करीब साढ़े 12 बजे ऑपरेशन थिएटर में लेकर गए. ऑपरेशन शाम करीब 4 बजे तक चला. ऑपरेशन के बाद वेंटिलेटर पर रखा गया. परिजनों ने ऑपरेशन करने वाले ऑर्थोपेडिक सर्जन से मिलना चाहा, लेकिन हॉस्पिटल प्रबंधन ने डॉक्टर से नहीं मिलवाया.

करीब दो घंटे तक डॉक्टर से मिलने के नाम पर बहस होती रही, लेकिन डॉक्टर से नहीं मिलवाया गया. इसी दौरान अन्य परिजनों ने डॉक्टर के बारे में अन्य हॉस्पिटल स्टाफ से जानकारी मांगी. पता चला कि डॉक्टर हॉस्पिटल के अलावा गुड़गांव में एक निजी क्लीनिक भी चलाते हैं. वहां पता चला कि डॉक्टर की शनिवार दोपहर 3 बजे की फ्लाइट थी और वह कहीं बाहर गए है. इसपर परिजनों का आरोप है कि 3 बजे की फ्लाइट थी तो एयरपोर्ट के लिए दोपहर करीब एक बजे डॉक्टर निकले होंगे. यदि डॉक्टर की 3 बजे की फ्लाइट थी तो उनके नाम पर ऑपरेशन कौन कर रहा था.

इसी बीच रविवार सुबह 7 बजे भीम सिंह को हॉस्पिटल ने मृत घोषित कर दिया. सेक्टर-50 थाना एसएचओ शाहिद ने बताया कि इस संबंध में कुछ लोग रविवार को उन्हें मिले थे, लेकिन इनकी ओर से कोई लिखित शिकायत नहीं दी गई. डॉक्टर पवन चौधरी ने बताया कि रविवार को पोस्टमॉर्टम किया गया. जिसमें पाया गया कि मल्टिपल इंजरी मौत का कारण रहीं.