जल्द ही कबाड़ हो जाएंगी ये कारें, भारत से बिस्तर समेटने वाली हैं ये कंपनियां

दुनिया की बड़ी कार निर्माता कंपनियों में शामिल इटैलियन कार कंपनी फिएट अब जल्द ही भारत को अलविदा करने की तैयारी कर रही है। इससे पहले जनरल मोटर्स ने अपने शेवरेल ब्रांड को भारत से विदाई का ऐलान किया था। अगर फिएट भारत को अलविदा कहती है तो उसकी चार कारें जल्द ही सड़कों से अलविदा हो जाएंगी।
हालांकि फिएट की कारों का कभी भारतीय बाजार में उतना पसंद नहीं किया गया, जितनी पसंद दू लीनिया सरी कंपनियों की कारों को किया जाता है। वो भी इस फैक्ट के साथ कि मारुति और टाटा की कारों में फिएट के इंजन का इस्तेमाल किया जाता है।
दिसंबर 2017 से लेकर नवंबर 2018 तक फिएट ने केवल 101 कारें ही बेची हैं। देश में फिएट लीनिया और पुंटो की बिक्री काफी लंबे वक्त से होती रही है, वहीं दोनों ही वाहनों में फिएट ने कोई अपडेट नहीं दिया है।
कारटॉक की खबरों को सभी मानें तो फिएट के सामने सबसे बड़ी सिरदर्दी अपनी गाड़ियों को अपग्रेड करने की है। असल में अक्टटूबर 2019 से देश में नए सेफ्टी मानक लागू हो जाएंगे। जिसके बाद वाहनों में एबीएस देना देना अनिवार्य हो जाएगा। फिएट के 1.3 लीटर का मल्टीजेट इंजन को ‘देश के इंजन’ के तौर पर जाना जाता है।
हालांकि यह बीएस-6 मानकों को पूरा नहीं करता है। वहीं इंडिया में बिक्री न होने से फिएट अपनी गाड़ियों पर अपग्रेडेशन का लंबा-चौड़ा खर्चा नहीं उठाना चाहती है।
फिएट-क्रिसलर ने 2016 में अपने जीप ब्रांड ग्रांड शेरोकी और रैंगलर को भारतीय बाजार में उतारा था। वहीं 2017 में नई जीप कंपास को लॉन्च किया था, जो जल्द ही कार बाजार में छा गई।
वहीं फिएट की इस फैसले से लगता है कि कंपनी भारत में केवल जीप ब्रांड पर ही अपना फोकस बनाए रखना चाहती है। फिएट देश में लीनिया, अर्बन क्रॉस, ग्रांड पुंटो, एवेंचरा और पुंटो अबार्थ की बिक्री करती है।
गौरतलब है कि देश में इस साल भारत न्यू व्हीकल सेफ्टी असेसमेंट प्रोग्राम लागू होने वाला है, वहीं फिएट का कोई भी वाहन न्यूनतम सेफ्टी मानकों को पूरा नहीं कर रहा है। वहीं 2020 से बीएस-6 प्रदूषण उत्सर्जन मानक लागू होने वाले हैं।
इससे पहले 1 जनवरी 2018 से जनरल मोटर्स ने शेवरले ब्रांड को देश में नहीं बेचने का फैसला किया था। फिएट ने अपने सभी डीलरों से नॉन-एबीएस वाहनों की इनवेंटरी को जल्द से जल्द बाजार से खत्म करने को कहा था।

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