ईवीएम में गड़बड़ी पर एकजुट हुए नेता

भारत की ऐसी कोई ठीक ठाक पार्टी नहीं है जिसने ईवीएम में धांधली की आशंका न जताई हो लेकिन फिर भी चुनाव आयोग ईवीएम को लकर अड़ा हुआ है. जब बीजेपी विपक्ष में थी तो वो भी आरोप लगाती थी आज वो स

तीसरे चरण के चुनाव के बाद एक बार फिर विपक्ष ने ईवीएम को लेकर हमला बोला है. विपक्ष के कई बड़े नेताओं ने मंगलवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन-वीवीपैट में गड़बड़ियों की पूरी संभावना है और इनकी प्रोग्रामिंग कर इनसे छेड़छाड़ की जा सकती है.

आंध्र प्रदेश के सीएम और टीडीपी अध्यक्ष चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि दुनिया के 191 देशों में से सिर्फ 18 देशों ने ईवीएम को अपनाया है, जिनमें से तीन देश, 10 सर्वाधिक आबादी वाले देशों में शामिल हैं.

नायडू ने कहा, “ईवीएम के साथ छेड़छाड़ की जा सकती है और उनमें गड़बड़ी भी पैदा होती है. इसके अलावा इनकी प्रोग्रामिंग भी की जा सकती है.” उन्होंने ये जानने की मांग की कि नए वीवीपैट में वोटर स्लिप सिर्फ तीन सेकेंड तक कैसे दिखाई देता है, जबकि इसे 7 सेकेंड तक दिखाई देना चाहिए. उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी ईवीएम से छेड़छाड़ कर वोट हासिल कर सकती है.

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के अध्यक्ष शरद पवार ने कहा, “लोग मौजूदा सरकार को बदलने के मूड में हैं, लेकिन मुख्य चिंता ईवीएम से छेड़छाड़ को लेकर है.” कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुशील कुमार शिंदे ने कहा कि 50 फीसदी वीवीपैट स्लिप के वेरिफेकशन की मांग कोई अनुचित मांग नहीं है.

आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता संजय सिंह ने भारत निर्वाचन आयोग पर धृतराष्ट्र की तरह आचरण करने का आरोप लगाते हुए कहा कि आप ईवीएम का कोई भी बटन दबाइए, वोट बीजेपी को जाता है. राष्ट्रीय विपक्षी दलों के नेताओं ने ऐसे समय में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया, जब महाराष्ट्र और देश के दूसरे हिस्सों में तीसरे चरण की वोटिंग हो रही है.