इन आम लोगों के सामने फेल है दुनिया का हर इलैक्ट्रिकल इंजीनियर

यहां के आदित्यपुरम इलाके में ट्रांसफॉर्मर पर खुले हजारों बिजली के तारों से रोज रहवासी इसी तरह जान जोखिम में डालकर कनेक्शन करते हैं. चूंकि पूरे क्षेत्र में एकमात्र ट्रांसफॉर्मर है और घरों में स्थायी कनेक्शन भी नहीं हैं, इसलिए महिलाएं प्लायर लेकर आती हैं और अपने घर का तार जोड़ लेती हैं. बारिश और आंधी के दौरान यहां खतरा और बढ़ जाएगा. खतरे की बात यह है कि इस ट्रांसफॉर्मर से सटा एक निजी स्कूल भी संचालित होता है.

बारिश में कंपनी की यह लापरवाही लोगों की जान के लिए खतरा बन रही है. पिछले दो सालों के रिकार्ड पर नजर डालें तो एक दर्जन से ज्यादा लोगों ने अपनी जान करंट से गंवाई हैं. करीब आधा सैकड़ा पशुओं की मौत हुई है. फिर से बारिश में खुले बॉक्स व झूलते तार मुश्किल बनने वाले हैं. हवा व बारिश से पोलों में करंट का खतरा बढ़ गया है.

शहर में तारों की जगह आर्मड केबल लगाई हैं. लोगों को कनेक्शन देने के लिए पोलों पर स्प्रिंग लोडेड बॉक्स लगाए थे, लेकिन इनकी क्वालिटी घटिया होने की वजह से जल गए. केबल से सीधा कनेक्शन उपभोक्ता को दिया है. 80 हजार पोलों पर केबल के जॉइंट झूल रहे हैं. मानसून पूर्व इन्हें बदलने का दावा किया जाता है, लेकिन उन्हें बदला नहीं गया. स्थिति जस की तस है. पोलों में करंट आ रहा है. वहीं दूसरी ओर ट्रांसफार्मर पर वितरण बॉक्स लगाए थे. बॉक्स के अंदर एमसीवी लगाई थीं. बॉक्स के ढक्कन चोरी हो चुके हैं. एमसीवी भी जल गई हैं. अंदर तार खुले पड़े हैं. साथ ही केबलें जर्जर हो चुकी है. इससे जमीन में करंट आ रहा है.

आदित्यपुरम में लोग ट्रांसफार्मर से तार खींचकर अपने घर तक बिजली लेकर जा रहे हैं. तारों का जाल देखकर हर कोई हैरान है. यह लोग अवैध रूप से बिजली ले जा रहे हैं. इनके तार दूसरों के लिए जान का खतरा बने हुए हैं. पास में ही स्कूल है, लेकिन बिजली कंपनी इन तारों को हटाने में बेबस दिख रही है.