चुनाव आयोग की इनकम टैक्स छापों पर फटकार, उठाया अहम सवाल

चुनाव आयोग ने एमपी के मुख्यमंत्री पर इनकमटैक्स के छापों पर नाराज़गी जताई है. आयोग ने कहा है कि कोई भी जांच एजेंसी भले ही वो आयकर विभाग ही क्यों न हो आयोग की इजाजत के बगैर छापे नहीं डाल सकते. आयोग ने कहा कि मध्य प्रदेश में हाल की छापेमारी चुनाव आयोग को जानकारी नहीं दी गई थी. आयोग ने पूछा कि आचार संहिता और कार्रवाई से पहले आयोग को लूप में रखने की बात उन्हें पता है. इस पर आयोग ने कहा कि जब पता था तो बताया क्यों नहीं!

चुनाव आयोग के सूत्रों के अनुसार मध्यप्रदेश में हाल ही में हुई आयकर विभाग की छापेमारी के बारे में उनको कोई जानकारी नही थी. न सिर्फ आयोग बल्कि प्रदेश के निर्वाचन अधिकारी को भी इसकी जानकारी नही दी गई थी.

 चुनाव आयोग ने जांच एजेंसियों को ये दो टूक कह दिया है कि चुनाव आचार संहिता लागू है ऐसे में भ्रष्टाचार से सम्बंधित किसी भी रेड या कार्रवाई की जानकारी वो चुनाव आयोग या राज्य के निर्वाचन अधिकारी से साझा करें.

वित्त मंत्रालय के राजस्व विभाग ने भी चुनाव आयोग से कहा कि आयोग की टीम किसी भी जगह छापेमारी से पहले विभाग को सूचित करे. इस पर आयोग और विभाग के बीच सहमति बनी कि किसी भी कार्रवाई या ऑपरेशन से पहले दोनों एकदूसरे को लूप में रखेंगे. ये सारी गड़बड़ तब हो रही है जब वित्तीय एजेंसियां और सन्स्थानों के साथ आयोग कई दौर की बैठक कर सारी चीजें तय कर चुका है. लेकिन फिर भी चूक रह ही जाती है.