करोना वायरस निकल भी आए तो चिंता की बात नहीं, पढ़िए ये खबर, इलाज की 98.6 फीसदी गारंटी

कोरोना वायरस को लेकर दिल्ली एनसीआर में अफरातफरी का माहौल है. नोएडा के दो स्कूल बंद कर दिए गए हैं. 1000 दफ्तरों को चिट्ठियां भेजी गई हैं. हर तरफ खतरा है. इस खतरे को हवा दे रही हैं सोशल मीडिया की वो फेक खबरें जो कभी कहती हैं कि चीन अपने नागरिकों की हत्या कर रहा है तो कभी कहा जाता है कि उत्तर कोरिया अपने लोगों के प्राण ले रहा है. लेकिन इन खबरों के बीच दिल्ली आजतक ने इस बीमारी पर कुछ ऐसी जनकारी निकाली है जो आपको राहत दे सकती है.

कल पीएम मोदी ने भी कहा था कि कोरोना वायरस से घबराने की जरूरत नहीं है. हम आपको बता रहे हैं वो उपाय जिनसे आप इस वायरस से बच सकते हैं. विज्ञान पर जानकारियां देने वाली अमेरिकन साइट लाइवसाइंस डॉट कॉम के मुताबिक कोरोना वायरस के उतनी जानलेवा बीमारी नहीं है जितना इसे बताया जा रहा है. अभी तक दुनिया में 89 हजार लोगों को ये बीमारी हुई जिसमें से 3000 लोगों की मौत हुई है.

इस वेबसाइट का कहना है कि अमेरिका में कॉमन फ्लू से हर साल लाखों लोग बीमार होते हैं और इनमें से सिर्फ 1 फीसदी लोगों की मौत होती है. फ्लू से मृत्युदर कम होने का एक कारण उसका टीका उपलब्ध होना भी है.  इसके मुकाबले बुरी तरह कोरोना वायरस से प्रभावित चीन में इस बीमारी से मृत्युदर सिर्फ 1.4 फीसदी है.

सामान्य फ्लू के लिए तो टीके उपलब्ध हैं. बड़ी संख्या में लोग टीके लगवा लेते हैं अगर इस तथ्य को दिमाग में रखा जाए तो कॉमन फ्लू से ज्यादा खतरनाक कोरोना वायरस को नहीं माना जा सकता. इस संख्या के लिए इंग्लैंड जनरल ऑफ मेडिसिन के आंकड़ों की मदद ली गई है.

अगर सरल तरीके से समझा जाए तो सामान्य फ्लू से जहां 99 फीसदी लोगों की जान बच जाती है और वो ठीक हो जाते हैं वहीं कोरोना वायरस से प्रभावित 98.6 फीसदी लोग ठीक हो जाते है. यानी कोरोना वायरस का इनफेक्शन अगर हो भी जाता है तो आसानी से ठीक हुआ जा सकता है.

कोरोना वायरस की तुलना अगर स्वाइन फ्लू से की जाए तो उसके मुकाबले भी ये बेहद कम खतरनाक है. कोरोना वायरस से अबतक तीन हजार मौतें हुई हैं जबकि स्वाइन फ्लू से एक साल में 5 लाख 75 हजार लोग मारे गए थे . बड़ी बात ये है कि कोरोना वायरस को महामारी नहीं माना गया है जबकि स्वाइन फ्लू यानी एच वन एन वन को महामारी घोषित किया गया था.

निचोड़ निकालें तो इस बीमारी से चिंतित होने की जगह समान्य सावधानियां बरतें और अफरातफरी से बचे. हां सबसे अहम है सोशल मीडिया पर सावधानी. बेकार मैसेज फॉरवर्ड न करें जिनसे अफरातफरी फैलती हो.

ये हैं कुछ और तथ्य जो आपको जरूर जानना चाहिए

1) इस वायरस का आकार 400 से 500 माइक्रोन होता तो कोई भी मस्क इसे रोक सकता है. ज्यादा कीमत का मास्क लेने की जरूरत नहीं.

2) यह वायरस हवा में नहीं रहता , यह किसी वस्तु पर य किसी जीव पर ही एक जगह से दूसरी जगह जाता है.

इसलिए यह हवा से नहीं फैलता.

3)यह वायरस धातु पर पड़ा हो तो 12 घंटों तक ही जीवित रहता है, किसी ऐसी संक्रमित धातु को छूने के बाद साबुन और पानी से अच्छे तरह हाथ धोएं.

4) कपड़ों पर यह वायरस 9 घंटों तक रहता है, कपड़ों को अच्छे तरह साबुन से धोएं और धूप में सूखने से मकसद पूरा होता है.

5) हाथों पर यह वायरस 10 मिनट तक रहता है, इसलिए एल्कोहोल स्ट्रिलाइजर को लगाकर बचाव करे , जेब में रखने की आदत डाले.

6) यह वायरस 26 से 27 डिग्री तापमान पर आने मर जाता है, इसलिए गर्म पानी पिएं, और सूरज की धूप लेे , आइस्क्रीम और ठंडे प्रदार्थ खाने से परहेज़ करें.

7) गर्म नमक के पानी से गरारे करें , यह वायरस को फेफड़ों तक पहुंचने से रोकता है.

8) भीड़ भाड़ वाले स्थानों में जाने से बचें .