कोरोना वायरस के लिए मास्क खरीदने से पहले एक बार यह ज़रूर पढ़ लें ?

खबर पूरे पढ़ें लेकिन इस खबर में लगी तस्वीरों पर नजर डालें. कोरोना वायरस के मरीजों की देखभाल कर रहे भारत से लेकर चीन तक के डॉक्टर सामान्य मॉस्क का इस्तेमाल कर रहे हैं जबकि लोग महंगा प्रदूषण से लड़ने वाला मॉस्क खरीद रहे हैं. ये ब्लैक में कई गुने रेट में बेचा जा रहा है.

लेकिन अफसोस आपकी इस जिज्ञासा का फायदा हर तरफ उठाया जा रहा है. लोग आपको अंधाधुंध मॉस्क बेच रहे हैं. आइए आपको बताते हैं कि मॉस्क पर कितने पैसे खर्च करना ठीक है. या फिर ये आपके डर का फायदा उठाने की कोशिश है.

“अगर इतना ही मॉस्क जरूरी है तो गरीब लोग जो मॉस्क नहीं खरीद सकते उन सबको करोना वायरस का शिकार हो ही जना चाहिए. बिना मॉस्क वाले जानवर भी होते है फिर तो सभी जानवर मर जाना चाहिए”

सबसे पहले आपको चौकाएंगे . हम कहेंगे कोरोना वायरस के लिए मॉस्क जरूरी नहीं है. मॉस्क की जरूरत बचने के लिए नहीं है. No mask needed to prevent corona virus.दुनिया भर के विशेषज्ञों ने मास्क के उपयोग के खिलाफ हैं. जी हां experts are against use of mask against corona virus. अगर आप इनमें सो कुछ नहीं हैं तो आपको मॉस्क की जरूरत नहीं है

कौनसा मॉस्क खरीदें, CORONA VIRUS WHICH MASK TO BUY, BEST MASK FOR CORONA VIRUS इन सवालों के जवाब दुकान से लेकर सोशल मीडिया तक हर जगह ढूंढे जा रहे हैं. मॉस्क मॉस्क मॉस्क, कोविड मॉस्क, कोरोना वायरस मास्क, इनफेक्शन से बचने का मॉस्क. हर तरफ MASK शब्द की धूम हैं. कुछ लोग पूछ रहे है कि does mask really needed to prevent corona virus? 

1. आप अस्पताल में काम नहीं करते. आप स्वास्थ्यकर्मी नहीं हैं.  मेडिकल वर्कर नहीं हैं.

2. COVID-19 से संक्रमित नहीं हैं. यानी आपके खुद के अंदर ये वायरस नहीं पाया गया है.

3. आप उनके साथ नहीं रहते हैं जिन्हें यानी आप संक्रमित रोगियों के निकट संपर्क में नहीं हैं.

4. कोरोना वायरस से पीड़ित मरीज़ की देखभाल नहीं कर रहे हैं.

5. ऐसी जगह नहीं रह रहे जहां ये जानलेवा संक्रमण तेज़ी से फैल रहा है.

6. आपको अंदर सर्दी खांसी जुकाम यानी फ्लू जैसे लक्षण नहीं हैं. याद रहे ये कोरोना के लिए नहीं सामान्य फ्लू के लिए भी ध्यान रखने वाली बात है.

ये तस्वीरें चीन में मिली भारतीय कोरोना वायरस मरीज की हैं. साथ में खड़ा पूरा मेडिकल स्टाफ और खुद डॉक्टर सामान्य मॉस्क में नज़र आ रहे हैं.

अगर आप खरीदना ही चाहें तो

लेकिन इसके बावजूद अगर आप कोई जोखिम मोल लेना नहीं चाहते. आपको लगता है कि एक छोटा सा मॉस्क पहन लेने में बुराई ही क्या है तो ये बातें आपके काम की हो सकती है.

अगर आपको फ्लू या जुकाम जैसे लक्षण दिख रहे हैं, तो मास्क पहनने से आप इसे फैलने से रोक सकते हैं, लेकिन ये कोरोना वायरस से बचने का सीधा तरीका नहीं है. ऐसा इसलिए, क्योंकि ज़्यादातर लोगों को इसे सही तरीके से पहनना नहीं आता, जिसकी वजह से लीकेज हो सकती है. यहां तक कि लोग दिन में खाने-पीने के लिए कई बार मास्क को निकालते हैं.

हालांकि, अगर आप ऐसे मास्क की तलाश कर रहे हैं जो वायरल इंफेक्शन से लड़ने में मदद करें, तो आपके लिए ये समझना ज़रूरी है कि आप किस तरह के इंफेक्शन के लिए मास्क की तलाश कर रहे हैं.

ये भी चीन की तस्वीर है. कोरोना वायरस मरीज़ और स्टाफ दोनों सामान्य डिस्पोजेबल मॉस्क पहने हैं.

1. डिस्पोज़ेबल मास्क

डिस्पोज़ेबल मास्क, जो सर्जिकल मास्क जैसे होते हैं, इन्हें मुंह या सांस के ज़रिए निकले बड़े ड्रॉपलेट्स को आसपास मौजूद लोगों तक पहुंचने से रोकने के लिए डिज़ाइन किया जाता है. हालांकि, ये हवा में मौजूद छोटे-छोटे कर्णों को रोकने में सक्षम हीं होता. इस तरह के मास्क को 3 से 8 घंटों से ज़्यादा नहीं पहनना चाहिए.  ये वही मॉस्क है जो पांच से दस रुपये का हरे रंग का कागज का टुकड़े जैसा होता है यानी सबसे सादा लेकिन कोरोना वायरस को अंदर जाने से रोकने में ये मॉस्क कारगर हो सकता है.

2. N95 मास्क

N95 कोरोना वायरस जैसे इंफेक्शन के लिए सबसे अच्छे हैं. ऐसा इसलिए क्योंकि ये आपके मुंह और नाक पर अच्छी तरह फिट हो जाते हैं और साथ ही छोटे-छोटे कर्णों को रोकता है. क्योंकि यह मास्क हवा में मौजूद 95 प्रतिशत कर्णों को रोकने में सक्षम है इसलिए इसका नाम N95 पड़ा है. हालांकि, कोरोना वायरस के कण डायमीटर में 0.12 माइक्रॉन जितने होते हैं, जिसकी वजह से ये मास्क भी कुछ हद तक ही मदद कर सकता है.  लेकिन अगर कोई कहे कि ये ही कोरोना वायरस से बचा सकता है तो ये गलत होगा. ये भी दूसरे मॉस्क की तरह सामान्य मास्क है

क्या है N95 मास्क पहनने का सही तरीका

ध्यान रखें कि मास्त आपके मुंह और नाक के आसपास अच्छी तरह से फिट है और हवा के जाने के लिए जगह नहीं है. मास्क को सारा दिन पहने रखें और बार-बार न छुएं. इन मेडिकल मास्क पर N95, FFP2 जैसी रेटिंग होनी चाहिए.

दुश्मन को जान लेने से उसके बारे में जानने में मदद मिलती है इसलिए कोरोना के बारे में ये जानकारियां आपको इलाज में मदद कर सकती है.

दिन रात कोरोना वायरस मरीजों की देखभाल कर रहे लोगों की पसंद भी वही डिस्पोजेबल मॉस्क है जिसे आप सस्ता समझकर खारिज कर देते हैं.

कोरोना वायरस क्या है

यह एक अलग-अलग वायरसों का एक परिवार है कोई एक वायरस नहीं जिसका मुख्य स्रोत जानवर और मनुष्य है. इसका संक्रमण का सबसे आम लक्षण बुखार है. विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने कोरोना वायरस को आधिकारिक तौर पर ‘कोविड-19’ नाम दिया है. डब्लूएचओ का कहना है कि इस वायरस का प्रकोप पहली बार देखा जा रहा है.

‘कोविड-19’ क्या है:

‘कोविड-19’ हाल ही में खोजे गए कोरोनावायरस के कारण होने वाला संक्रामक रोग है. यह नया वायरस और बीमारी दिसंबर 2019 में चीन के वुहान में फैलना शुरू हुई.

क्या है इसके लक्षण:

डब्लूएचओ के मुताबिक अन्य लक्षणों में थकान, सूखी खांसी, मांसपेशियों में दर्द, सांस लेने में तकलीफ शामिल हैं. इसका संक्रमण का सबसे आम लक्षण बुखार है.

कैसै फैलता है:

यह बीमारी नाक या मुंह के जरिए एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैल सकती है. ‘कोविड-19’ से पीड़ित शख्स जब खांसता या सांस लेता है तो उस वक्त इसके फैलने की सबसे ज्यादा संभवाना होती है. डब्लूएचओ के मुताबिक यही वजह है कि बीमार रहने वाले व्यक्ति से 1 मीटर (3 फीट) से अधिक रहना महत्वपूर्ण है.

कैसे बच सकते है:

अपने हाथों को साफ रखें और साफ पानी से धोएं. इसके लिए आप साबून और हैंड वॉश का इस्तेमाल कर सकते हैं. इससे आपके हाथ में मौजूद बैक्टेरिया मर जाते हैं. किसी भी शख्स से तीन फीट की दूरी बनाए रखें. हाथ, मुंह और नाक को छूने से बचें. ईरान या चीन से आए लोगों के संपर्क में आने से एहतियात बरतें. वे लोग आने के बाद अगर जांच करवा चुके हों तभी उनके संपर्क में आएं.

हाथ जोड़कर अबिवादन करती ये मरीज भी कोरोना वायरस से ग्रसित है मॉस्क वही है. सादा कागज का मॉस्क

मास्क का प्रयोग:

यह घातक वायरस एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैल सकता है इसलिए जरूरी न हो तो भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाना कुछ समय के लिए बंद कर दें. लोगों से मिलने पर हाथ न मिलाएं और मास्क पहन कर ही बाहर निकलें. इस वायरस से बचाव में नॉर्मल मास्क बेअसर होता है, इसलिए मल्टी लेयर मास्क का इस्तेमाल करना चाहिए. ऐसे में कोशिश करनी चाहिए कि वही मास्क खरीदें जो धूल, मिट्टी, बदबू और बैक्टीरिया से बचाने में सक्षम हो. एंटी डस्ट और एंटी पॉल्यूशन मास्क में आपको कई विकल्प मिल जाएंगे जो आपको कई तरह की परेशानियों से बचा सकते हैं.

ये न करें:

धूम्रपान, पारंपरिक हर्बल उपचार लेना, कई मास्क पहनना और एंटीबायोटिक्स जैसी दवाएं लेना.

क्या एंटीबायोटिक्स कारगार हैं:

एंटीबायोटिक्स वायरस के खिलाफ काम नहीं करते हैं, वे केवल बैक्टीरिया के संक्रमण पर काम करते हैं. COVID-19 वायरस के कारण होता है, इसलिए इसकी रोकथाम के लिए एंटीबायोटिक्स काम नहीं करते हैं.

टाइम मैगज़ीन का ये लेख अमेरिका में जारी की गई एडवाइजरी और मास्क की जररूत पर बहुत कुछ कहता है

वायरस से चिंतित होने की जरूरत नहीं, सावधानी जरूरी:

अगर आप ऐसे इलाके में है जहां कोरोना वायरस का फिलहाल कोई प्रभाव नहीं है तो आपको बेवजह की चिंता या टेंशन नहीं लेनी चाहिए.

डब्ल्यूएचओ के मुताबिक यह लाजिमी है कि दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में इसके रोज नए मामले को देखने को मिल रहे हैं जिसकी वजह से आपका चिंतित होना स्वाभाविक है. लेकिन चिंता करने से बेहतर है कि आप आप डॉक्टर, अपनी कंपनी जिसमें आप काम करते हैं आदि से इसकी रोकथाम के बारे में जानकारी हासिल करें.