दिल्ली मेट्रो ने कर्मचारियों का वेतन आधा किया. ये बताई वजह

Delhi Metro Rail Corporation यानी डीएमआरसी ने अपने सभी कर्मचारियों की बेसिक सेलरी को छोड़कर बाकी सारा वेतन आधा कर दिया है. यानी अब आधी करने का फैसला लिया है. यह फैसला इसी महीने यानी अगस्त से लागू होगा. इसके साथ ही दिल्ली मेट्रो ने अपने सभी कर्मचारियों के कई एलाउंसेस भी कम कर दिए हैं.

मेट्रो का वेतन काटने वाला सर्कुलर

मेट्रो के एचआर विभाग के 18 अगस्त के सर्कुलर में कहा गया है कि मेट्रो भत्तों को रेशनलाइज यानी तर्कसंगत कर रही है. पत्र में लिखा गया है कि अत्यंत विपरीत वित्तीय हालत में ये फैसले लिए जा रहे हैं क्योंकि मेट्रो का संचालन बंद है.
चिट्ठी में लिखा है कि लोगों को बेसिक वेतन के अलावा सारा का सारा भुगतान अब सिर्फ आधा मिलेगा. इसके अलावा मकान बनाने, फेस्टिबल एडवांस, लैपटॉप एडवांस जैसी सुविधाएं भी बंद कर दी गई हैं.


डीएमआरसी में सारे एलाउंस बंद

कर्मचारियों के सिर्फ मामूली जरूरी सुविधाएं दी जाएंगी. जैसे इलाज बगैरह के लिए मिलने वाला एडवांस.उधर मेट्रो खुलेगी या नहीं इसको लेकर तस्वीर साफ नहीं है. देश भर में बसें चल रही हैं. रेलगाड़ियां चल रही हैं. हवाई उड़ानें चल रही हैं. दिल्ली के बाजारों में ठसाठस भीड़ चल रही है लेकिन मेट्रो सेवाओं को लेकर सरकार का रुख अड़ियल है.


क्यों नहीं चलाई जा सकती मेट्रो ?

जानकार कहते हैं कि मेट्रो सेवाएं सबसे ज्यादा नियंत्रित और अनुशासित स्थिति में संचालित होती हैं. यहां एक एक आदमी पर नियंत्रण रहता है. अगर मेट्रो सेवाएं शुरू होती हंह तो बीमारी का प्रोटोकॉल यहां ज्यादा बेहतर तरीके से लागू का जा सकता है.
एक के बाद एक मूर्खतापूर्ण गलतियों का खामियाजा ही है कि देश भर में सबसे ज्यादा कर्मचारी भुगत रहे हैं. एक तरफ चीज़ें लॉकडाउन के कारण महंगी हो रही हैं. सरकार प्लेटफॉर्म टिकट से लेक बिजली तक, और दवाइयों से लेकर पेट्रोल तक हर चीज़ के दाम बढ़ा रही है. दूसरी तरफ अकेले जुलाई महीने में 50 लाख लोगों की नौकरी जा चुकी है.

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दिल्ली मेट्रो कब चलेगी ?

हर बार अनलॉक करने का नया चरण आता है और मेट्रो नयी उम्मीद से ख़ड़ी होती है. पिछले दिनों कुछ तस्वीरें भी आई थीं जिसनें साइनेज लगाकर लोगों को बताया गया है कि टिकट लेते वक्त कितनी दूरी बनानी है. मेट्रो में कहां बैठना है, कहां जगह खाली छोड़नी है. मेट्रो की तैयारी पूरी है लेकिन सरकार पता नहीं क्यों इसे चलाना ही नहीं चाहती. लोग बसों में खचाखच जाते हैं और इनफेक्शन की संभावनाएं वहां ज्यादा हैं.

मेट्रो स्टेशनों पर गंदगी का अंबार

स्टेशन समेत मेट्रो परिसर, मेट्रो आदि में गंदगी का अंबार लग गया है. अब उसे नए सिरे से साफ करने का अभियान चल रहा है. मेट्रो प्रवक्ता का कहना है कि पिछले दिनों मेट्रो के सभी 264 स्टेशन, 2200 से भी ज्यादा मेट्रो कोच और मेट्रो स्टेशनों से दिल्ली के विभिन्न इलाकों तक सवारी ढोने वाले फीडर सर्विस के बसों को साफ कर सेनेटाइज कर लिया गया है.

लॉकडाउन के बाद जब इस बार मेट्रो का आपरेशन खुलेगा तो न सिर्फ स्टेशन बल्कि कोच भी बदले बदले से नजर आएंगे. ऐसा इसलिए, क्योंकि इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा पालन किया जाएगा. दो व्यक्ति के बीच एक मीटर का डिस्टेंस होगा. मेट्रो ट्रेन में एक सीट छोड़ कर लोग बैठेंगे. सीआईएसएफ के जवान भी इस दौरान यात्रियों की सख्ती से चेकिंग करेंगे. स्टेशन प्रवेश से पहले ही यात्रियों की थर्मल चेंकिंग अनिवार्य रूप से की जाएगी.

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मेट्रो की तरफ से तैयारी पूरी

जानकार बताते हैं कि अभी इसके कर्मचारी सभी मेट्रो स्टेशनों पर सोशल डिस्टेंसिंग से जुड़े साइनेज और सावधानी तथा जागरूकता के पोस्टर लगाने का काम कर रहे हैं. अभी तक दिल्ली और यूपी के स्टेशनों पर काम पूरा हो गया है. हरियाणा में गुड़गांव लाइन पर इसके 6 स्टेशन, बल्लभगढ़ लाइन पर 11 स्टेशन और बहादुरगढ़ लाइन पर 3 स्टेशनों पर एक-आध दिनों में यह काम पूरा हो जाएगा. इसी तरह एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन में भी यह यह काम आज-कल में पूरा जो जाएगा.

मेट्रो में जाने के लिए क्या जरूरी

यदि अब दिल्ली मेट्रो के ट्रेन में सफर करना है तो सभी को मोबाइल फोन में आरोग्य सेतु ऐप डाउनलोड करना अनिवार्य होगा. इसके अलावा हर यात्री को मास्क लगाना भी जरूरी होगा. बिना मास्क के मेट्रो ट्रेन में क्या, मेट्रो परिसर में भी प्रवेश की इजाजत नहीं होगी.
दिल्ली मेट्रो में सीटों पर बैठने को लेकर तो तैयारियां दिखीं लेकिन खड़े होनेवालों के लिए क्या नियम हैं यह फिलहाल साफ नहीं है. लेकिन अगर अभी इसके बारे में नहीं सोचा गया है तो ऐसा कुछ किया जा सकता है.