कोरोना वैक्सीन का इन्सानों पर सफल परीक्षण, इस देश ने बाज़ी मारी

आखिर कोरोना की वैक्सीन यानी टीका बना ही लिया गया है. इस मामले में पूरी दुनिया के वैज्ञानिक लगे हुए थे लेकिन बाज़ी रूस ने मानी, सोवियत काल से चली आ रही विज्ञान पर सबसे ज्यादा ध्यान देने की रूस की परंपरा आखिर उसके काम आ गई है.

सेचेनोव विश्वविद्यालय में चिकित्सा विज्ञान, उष्णकटिबंधीय एवं संक्रमण जनित रोग संस्थान के निदेशक अलेक्जेंडर लुकाशेव ने बताया कि इस ट्रायल का मकसद यह पता लगाना है कि क्या यह वैक्सिन मानव स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित है और इसे सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है. उन्होंने, कहा कि वैक्सीन के सुरक्षित होने की पुष्टि हो चुकी है और यह मौजूदा समय में बाजार में उपलब्ध टीकों के समान सुरक्षित है.

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रूस की सेचेनोव यूनिवर्सिटी में 13 जुलाई को दुनिया की पहली कोरोना वायरस वैक्सीन का सफलतापूर्वक परीक्षण पूरा हुआ. ट्रांसलेशनल मेडिसिन एंड बायोटेक्नोलॉजी वुतिम तारासोव संस्थान के निदेशक ने ये जानकारी दी.

जिन लोगों पर इस वैक्सीन का परीक्षण किया गया है, उनमें से पहले समूह को बुधवार (15 जुलाई) को तथा दूसरे समूह को 20 जुलाई को अस्पताल से छुट्टी दी जाएगी.

उन्होंने कहा, “सेचेनोव यूनिवर्सिटी में मनुष्यों पर विश्व की पहली कोरोना वायरस वैक्सीन का सफलता पूर्वक परीक्षण पूरा कर लिया है.” रूस के ‘द गैमली इंस्टीट्यूट ऑफ एपिडेमियोलॉजी एंड माइक्रोबायोलॉजी’ द्वारा विकसित की गई वैक्सीन के चिकित्सकीय परीक्षण की शुरुआत 18 जून से हुई थी.

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लुकाशेव ने कहा कि हम वैक्सीन के विकास के साथ साथ उसके म़ॉस  प्रोडक्शन की भी तैयारी में लगे थे. हमने बड़े स्तर पर दवा को बनाने पर भी योजना तैयार कर रखी है. इससे वैक्सीन को जल्द बाजार में लाने में मदद मिलेगी.

हमने इस टीके के साथ काम करना शुरू किया, प्रीक्लिनिकल स्टडीज और प्रोटोकॉल डेवलपमेंट, और क्लीनिकल ट्रायल चल रहे हैं.