लॉकडाउन के बाद फिर भड़क सकता है कोरोना, सरकार को करना ही होगा ये काम

कोरोना वायरस के मामले में भारत और में चल रहे लॉकडाउन को विश्व स्वास्थ्य संगठन यानी डब्लू एच ओ ने नाकाफी बताया है. संस्था ने कहा कि लॉकडाउन से कुछ नहीं बदलेगा. WHO का कहना है कि कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए सिर्फ लॉकडाउन ही काफी नहीं है. भारत समेत तमाम देशों को बेहद सक्रियता से लोगों की बीमारी की जांच करनी होगी तभी ये बीमारी काबू आ सकती है.

उन्होंने बताया कि लॉकडाउन के साथ सबसे बड़ी दिक्कत ये है कि जब ये खत्म होगा तो लोग अचानक बड़ी संख्या में बाहर निकलेंगे और फिर खतरा बढ़ जाएगा.

समाचार एजेंसी रॉयटर्स की खबर के मुताबिक, WHO के माइक रायन ने अपने एक बयान में कहा है कि सिर्फ लॉकडाउन ही कोरोना को रोकने के लिए काफी नहीं है, इस वक्त जरूरत है कि जो लोग बीमार हैं और इससे पीड़ित हैं उन्हें ढूंढा जाए और निगरानी में रखा जाए. तभी इसको रोका जा सकता है.

चीन से फैले कोरोना वायरस ने यूरोप और अमेरिका को अपनी चपेट में ले लिया है. जिसके बाद दर्जनों देशों ने अपने लोगों से घरों में रहने को कहा है और लॉकडाउन का ऐलान कर दिया है. यूरोप के कई शहरों में बार, रेस्तरां, समेत कई सुविधाओं को कुछ दिनों के लिए बंद कर दिया गया है.

माइक रायन ने कहा कि चीन, सिंगापुर और साउथ कोरिया ने जब लॉकडाउन किया तो उन्होंने उस हर व्यक्ति की जांच की, जिसपर कोरोना वायरस का खतरा था. अब यूरोप, अमेरिका और अन्य देशों को भी यही मॉडल लागू करना चाहिए. अगर एक बार इसे फैलने से रोक दिया जाए तो बीमारी से निपटा जा सकता है.

आपको बता दें कि दुनिया में कोरोना वायरस के अबतक ढाई लाख के करीब मामले आ चुके हैं, जबकि 15 हजार के करीब मौत हो चुकी हैं. अगर भारत की बात करें तो यहां करीब 400 पॉजिटिव केस सामने आए हैं और 7 मौतें हो चुकी हैं. देश के कई हिस्सों में लॉकडाउन का ऐलान किया गया है और लोगों को घरों में रहने की सलाह दी गई है.