बकवास : मसूद अज़हर ज़िंदा है. हमारी खबर सच हुई, पाक अफवाह में फंस गया था मीडिया

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जब पूरा मीडिया जश्न मना रहा था कि मसूद अज़हर मारा गया है तो knockingnews ने खबर दी थी कि वो नहीं मरा है बल्कि पाकिस्तान की एक साजिश है. हमने बताया था कि कैसे भारत के चैनल पाकिस्तान के एक और अफवाह ट्रेप में फंस गए हैं. बीजेपी समर्थक चैनल जी न्यूज़ ने तो यहां तक दिखा दिया कि मसूद अज़हर भारत की हवाई बमवारी का शिकार हुआ था और बाद में मारा गया.

अब इस खबर का खंडन पाकिस्तान ने कर दिया है. इंडिया टुडे के पत्रकार राजदीप सरदेसाई ने पाकिस्तान में इस खबर की जानकारी ली जिसके बाद इस खबर का खंडन किया गया. राजदीप ने लिखा,” पाकिस्तान सरकार में शीर्ष सूत्रों ने बताया है कि मसूद डायलिसिस पर है और मरने की कोई खबर नहीं है. अभी इस पर अपडेट्स आनी बाकी हैं”
मरने की खबर कहां से आई?

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मसूद अजहर की मौत की खबर ट्विटर पर लगातार चल रही है, लोग उसे मारे जाने को लेकर लगातार ट्वीट कर रहे थे. #MasoodAzharDEAD और #MaulanaMasoodAzhar के हैश टैग के साथ मसूद की मौत की खबर पहले और तीसरे नंबर पर लगातार ट्रेंड करती रही. दो दिन पहले न्यूज़ एजेंसी पीटीआई ने इस बात की जानकारी दी कि मसूद अजहर किडनी की बीमारी की वजह से काफी बीमार है, और बीमारी की वजह से वो डायलिसिस कराने पाकिस्तान के अस्पातल में लगातार जाता रहता है. जिसके बाद उम्मीद यही की जा रही है कि डायलिसिस की खबर के बाद से उसके मारे जाने की खबरें आनी शुरू हो गई.

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आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने ही पुलवामा में हुए हमले की ज़िम्मेदारी ली थी. जिसके बाद से ही मसूद अजहर पर कार्रवाई की मांग तेज़ होने लगी. मसूद अजहर ने ही जैश-ए-मोहम्मद की शुरुआत की थी. मसूद अजहर पहले भारत के कैद में था, लेकिन कंधार विमान हाईजैक कांड के बाद उसे दिसंबर 1999 में छोड़ना पड़ा था. इसके बाद मार्च 2000 में मसूद अज़हर ने हरकत-उल-मुजाहिदीन को बांटकर जैश-ए-मुहम्मद की स्थापना की थी.

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हमने खबर दी थी कि पाकिस्तान मसूद अज़हर के मरने की खबर फैलाकर फायदा उठाना चाहता है. मसूद के मरने की खबर का मतलब है कि पाकिस्तान के खिलाफ चल रहे आतंक को संरक्षण देने के आरोपों को आगे नहीं बढ़ाया जा सकेगा क्योंकि ज्यादातर आरोप मसूद अज़हर पर ही थे.

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