कोरोना से बचने के लिए दफ्तरों में आने पर लग सकती है रोक, कंपनियां घर से काम करवाने की तैयारी में

companies thinking on work from home due to corona

कोरोना वायरस के खतरे के मद्देनज़र हो सकता है कि आपका दफ्तर आने वाले दिनों में आपसे घर बैठकर काम करने को कहे. ये सुनने में अजीब लगे लेकिन भारत के कई बड़े कॉर्पोरेट हाउस इस पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं.

वायरस कितना खतरनाक और गंभीर है, यह त्रासदी कब समाप्त होगी इसको लेकर विशेषज्ञों की अलग-अलग राय है. कुछ विशेषज्ञ मानते हैं कि चीन में प्रभावित क्षेत्र में स्कूल, दफ्तर व मॉल खुलने से महामारी और फैल सकती है. यही वजह है कि वहां लगातार ऐसी जगहों पर लोगों को इकट्ठा नहीं होने दिया जा रहा. जो कर्मचारी हैं उनसे भी कहा जा रहा है कि घर से ही काम करें.

नोएडा में बाकायदा सीएमओ ने दो स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी गई है और जो लोग कोरोना वायरस से प्रभावित हो सकते हैं उन्हें कंपनियों को घर वापस भेजने की सलाह दी गई है. इतना ही नहीं आशंका से भरे स्कूलों को पेरेन्ट्स को भी उनके स्कूलों से छुट्टी दे दी गई है

छोटी मोटी कंपनियां ही नहीं माइक्रो ब्लॉगिंग साइट ट्विटर ने सोमवार को अपने 5,000 कर्मचारियों को घर से काम करने की सलाह दी है. ये कर्मचारी दुनिया के अलग-अलग देशों में हैं. कंपनी ने कोरोना वायरस (कोविड 19) के बढ़ते खतरे को देखते हुए यह कदम उठाया है.

इस सोशल मीडिया साइट ने यह सलाह अपने ब्लॉग को अपडेट करने के एक दिन बाद लिया है. इससे पहले कंपनी ने अपने कर्मचारियों की जब तक बहुत ज़रूरी न हो यात्रा करने पर भी रोक लगा दी थी. कंपनी ने इस महीने टैक्सस में होने वाली साउथ बाय साउथवेस्ट कॉन्फ्रेंस से भी अपना नाम वापस ले लिया है.

ट्विटर ने कहा कि हांगकांग, जापान और दक्षिण कोरिया के कर्मचारियों के लिए घर से ही काम करना अनिवार्य है कर दिया है अगर यही हाल रहा तो भारत में भी कंपनियां ये कदम उठा सकती हैं कंपनी ने कहा, “हम दूर बैठकर कामकाज करने को सुनिश्चित कर रहे हैं.

बीमारी इतनी भयावह है कि अब तक अकेले चीन में इससे करीब 2000 लोगों की मौत हो चुकी है. सबसे ज्यादा चिंता की बात यह है कि कोरोना के निदान के लिए कोई वेक्सिनेशन भी मौजूद नहीं है.

स्कूल, दफ्तर खुले तो और बढ़ेगा वायरस

उधर, चाइनीज सेंटर फॉर डिजिज कंट्रोल ऐंड प्रीवेन्शन के एक अध्ययन में कहा गया है कि भले ही नए मामले में कमी आई हो , लेकिन जैसे ही इकॉनमी रिस्टार्ट होगी, यह फिर फैलेगा. बता दें कि यहां लुनर न्यू ईयर छुट्टी बढ़ा दी गई है और वर्कप्लेस को बंद कर दिया गया है. इस महीने प्रकाशित रिपोर्ट में कहा गया है, ‘लोग बड़ी संख्या में फिर स्कूल और दफ्तर लौटेंगे. हमें आने वाले सप्ताह में एकबार फिर कोविड1-9 के संभावित प्रसार को लेकर तैयार रहना होगा.’

आगे और लेगा भयावह रूप

अभी भी शोधकर्ताओं को इस बात का कोई ज्ञान नहीं है कि क्या यह वायरस लक्षण न दिखने वाले लोगों से भी फैल सकता है. लंदन स्कूल ऑफ हाइजीन ऐंड ट्रॉपिकल मेडिसिन के स्टीव रिले ने कहा, ‘वायरस ने अपनी जड़े जमा ली हैं. इससे सार्स से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं. अगर यह दुनिया के दूसरे हिस्से में फैलता है यह गंभीर वायरस बना रहेगा, यह अलग तरह की चीज बन जाएगा.” ऐसे में आप जिन सामान्य से दिखन वाले लोगों के साथ दफ्तर में काम कर रहे हों, हो सकता है वो ही छूत फैला दें

यही वजह है कि जानकार देश में वायरस को लेकर गंभीर हैं और चाहते हैं स्कूलों और दफ्तरों में लोग न जाएं और घर बैठकर ही तकनीक का सहारा लेकर काम करते रहें तो वो बचे रह सकते हैं.