एक हफ्ते बाद जेल में होंगे ये बिल्डर ? DM के तबादले के लिए भागदौड़ शुरू

अगल नोएडा के जिलाधिकारी की बातें सिर्फ बातें नहीं हैं तो एक सप्ताह के भीतर कई बिल्डर गैंगस्टर एक्ट में अंदर होंगे. ये अलग बात है कि योगी सरकार से बिल्डर सेटिंग कर लें और जिलाधिकारी ही बदल जाए. दर असल जिलाधिकारी ने शनिवार को कलेक्ट्रेट के सभागार में बिना रजिस्ट्री के कब्जा देने वाले बिल्डरों को फाइनल वार्निंग दी है. उनको इस मामले में एक सप्ताह का समय भी दिया गया है, डीएम ने चेतावनी दी कि अगर एक सप्ताह के अंदर रजिस्ट्री या सबलीज अनुबंध नहीं किया, तो फिर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी. साथ ही गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई भी होगी. बैठक में जिलाधिकारी ने बिल्डरों के प्रोजेक्ट की समीक्षा की.
उधर बिल्डरों की एक लॉबी नेताओं से संपर्क में है ताकि डीएम का दबादला कराया जा सके. हालांकि इसको लेकर बिल्डरों में दो गुट हैं क्योंकि कुछ बिल्डर खर्चा करने को तैयार नहीं हैं.
दर असल कहानी बढ़ी टेढ़ी है. बिल्डरों को प्रोजेक्ट तैयार करके उसपर कब्ज़ा देने लायक होने का एक सर्टिफिकेट लेना होता है. इसके बाद वो मकान की रजिस्ट्री करते हैं तब कोई घर में रहने आ सकता है. नोएडा के बिल्डरों ने अधूरे प्रोजेक्ट में खऱीदारों की जान पर खेलकर गैर कानूनी तरीके से जैसे जैसे फ्लैट तैयार होते गए खरीदारों को कब्जा दे दिया. कोई बिल्डर से सेटिंग करके जल्दी घुस गया. कोई पहचान के चलते तो कोई एक्स्ट्रा पैसे देकर.
हालात ये हैं कि बिल्डर के प्रोजेक्ट अधूरे पड़े हैं. लेकिन लोग उनमें रह भी रहे हैं. कई सोसायटीज में ऊपर से पत्थर बगैरह गिरते रहते हैं, एपेक्स एथेना और कई दूसरी सोसायटियों में ऊपर से सामान भी गिर चुका है.
इससे भी अलग सरकार को भी इससे चूना लगता है. लोग सालों साल रजिस्ट्री नहीं कराते और मकानों में रहने लगते हैं. इसलिए सरकार सख्ती कर रही है.
जिन बिल्डरों पर सख्ती हुई है उनमें इनमें सेक्टर-143 नोएडा के विक्ट्री क्रॉस रोड, सेक्टर-119 के आम्रपाली प्लेटिनम, सेक्टर-44 के ऐसोटेक सेलस्टे टावर, सेक्टर-119 के आईवीआरसीएल इंफ्रा एंड प्राइवेट लि., सेक्टर-107 के सनवर्ल्ड वनलिका, सेक्टर-143 के लॉजिक्स इन्फ्रास्ट्रक्चर, सेक्टर-120 के आम्रपाली जोडिएक, सेक्टर-45 के आम्रपाली सफायर, सेक्टर-75 के एम्स आरजी एंजेल्स व एम्स प्रमोर्ट्स, सेक्टर-78 के ऐसोटेक इंफ्रा, सेक्टर-75 के एपेक्स ड्रीम होम्स प्राइवेट लिमिटेड, सेक्टर-78 के जीएस प्रमोर्ट्स, सेक्टर-108 के डिवाइन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, सेक्टर-46 के स्क्वायर गार्डेनिया ग्लोरी, सेक्टर-76 के आम्रपाली सिलीकॉन सिटी प्राइवेट लिमिटेड व आम्रपाली प्रिंसले स्टेट्स प्राइवेट लिमिटेड, सेक्टर-70 के पेन रियलटर्स प्राइवेट लिमिटेड और सेक्टर-121 के एजीसी अजनारा होम्स बिल्डर प्रोजेक्ट शामिल हैं.
अब हालात ये हैं कि बिल्डर चेतावनी के बाद रजिस्ट्री तो अपनी जेब से कराने से रहा. इन सोसायटियों में रहने वाले लोग कह रहे हैं पहले प्रोजेक्ट कंप्लीट करो तब रजिस्ट्री कराएंगे. एपेक्स के प्रमोटर का कहना है कि लोग बिना सीसी की घर में तो रह सकते हैं लेकिन रजिस्ट्री नहीं करा सकते. उपर से धमकाते रहते हैं ड्रामे करते रहते हैं. उन्होंने कहा कि अगर लोग रजिस्ट्री नहीं कराते तो हमारे पास इन्हें बाहर करने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचेगा. यही जवाब आम्रपाली और गार्डेनिया के लोगों का है.
उधर डीएम बीएन सिंह ने बताया कि बिना रजिस्ट्री के खरीदारों को फ्लैट में रहने की स्वीकृति नहीं दी जाएगी. वैसे ये गीदड़ भभकी ज्यादा लगती है क्योंकि ऐसे कई जिन बिल्डरों ने ऐसा किया है, उनको एक सप्ताह के अंदर सबलीज और सबलीज अनुबंध का कार्य पूरा करना होगा. अगर बिल्डर ने ऐसा नहीं किया तो उनके खिलाफ संबंधित थाने में एफआईआर दर्ज कराई जाएगी. साथ ही गैंगस्टर एक्ट और अन्य बड़ी कार्रवाई प्रस्तावित की जाएगी.