हिंसा में बीजेपी के अल्पसंख्यक नेता को नहीं मिली पुलिस की मदद, जवाब मिला- भाग सको तो भाग लो

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दिल्ली में हुई हिंसा में अब तक 45 लोगों की मौत हो गई है. सैकड़ों लोग घायल हैं. जैसे जैसे स्थिति सामान्य हो रही हैं कई दहला देने वाले मामले सामने आ रहे हैं. दिल्ली पुलिस की बेरुखी तो हर किस्से का हिस्सा बनने लगी है. ताजा मामला बीजेप के अल्पसंख्यक नेता अख्तर रज़ा का है.

मुसीबत के समय जब उन्होंने पुलिस से मदद मांगी तो उन्हें घर छोड़कर भागने की सलाह मिली. इसी दंगे में भाजपा के अल्पसंख्यक आयोग के उपाध्यक्ष अख्तर रजा का घर भी दंगाईयों ने जला दिया.

दंगाग्रस्त उत्तर-पूर्व दिल्ली के भागीरथी विहार नाला रोड में एक जले हुए घर के सामने बीते सप्ताह मंगलवार को हुई घटना के बारे में याद करते हुए रजा ने पूरी बात बताई. टेलिग्राफ की रिपोर्ट के अनुसार, रजा ने कहा, “वे तेज आवाज में धार्मिक नारे लगा रहे थे.

शाम के करीब 7 बजे थे. उन्होंने हमारे ऊपर पत्थरबाजी शुरू कर दी. मैंने मदद के लिए पुलिस के पास फोन किया, लेकिन पुलिस ने मुझे अपना घर छोड़कर भाग जाने की सलाह दी. उन लोगों ने मेरे घर को जला दिया और सारी चीजें तहस-नहस कर दी. हालांकि इससे पहले हम घर छोड़कर भागने में सफल रहे.” अख्तर रजा दिल्ली के उत्तर-पूर्वी जिले के बीजेपी अल्पसंख्यक इकाई के उपाध्यक्ष हैं.

रजा का घर पूरी तरह से जल चुका है. घर के आगे की दीवार, जिसे देख वे कभी फूले नहीं समाते थे, काली हो चुकी है. जिस समय दंगाईयों ने उनके घर में आग लगाया, उस समय वे अपने परिवार और चचेरे भाई जुल्फिकार के साथ वहां मौजूद थे.

रजा ने बताया कि उनकी गली में 19 घर मुस्लिम समुदाय के लोगों के हैं. सभी दंगाई बाहरी थे लेकिन कुछ स्थानीय लोगों ने बाहरी लोगों को मुस्लिम समुदाय के घरों के बारे में जानकारी दी. छह मोटरसाइकिल के साथ रजा के घर के सारे सामान जला दिए गए.

रजा पिछले पांच साल से बीजेपी से जुड़े हुए हैं. उन्होंने कहा, “दंगे के बाद बीजेपी से जुड़े किसी व्यक्ति ने मुझे फोन नहीं किया. न तो किसी तरह की सहायता की गई और न ही और कोई मदद.”