नतीजों ने बदले बीजेपी नेताओं के स्वर, अब दिखने लगीं अपनी गलतियां

Delhi Elections 2020 में BJP की करारी हार के बाद एक झटके में पार्टी नेताओं के सुर बदल गए हैं पार्टी अध्यक्ष अमित शाह भड़काऊ बयानों को गलत बता रहे हैं. मनोज तिवारी कह रहे हैं कि अमित शाह के बयान के बाद करंट हमें ही उल्टा लग गया और पीएम मोदी अब Citizenship Amendment Act पर बातचीत के लिए तैयार हो गए हैं. उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर मुद्दे पर जो कोई भी मुझसे चर्चा करना चाहता है, मैं उन्हें तीन दिनों के भीतर वक्त दूंगा.

मोदी शाह बाद में पहले मनोज तिवारी की बात बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी ने आम आदमी पार्टी से मिली करारी हार के बाद कहा है कि अगर चेहरे के साथ उतरते तो नतीजे कुछ और होते. यानी सीएम कैंडीडेट घोषित न करने के अमित शाह के फैसले पर उन्होंने सीधे सवाल उठाया इतना नही नहींमनोज तिवारी ने इसके साथ ही गृह मंत्री अमित शाह के ‘करंट’ लगने वाले बयान पर कहा कि करंट हमें (बीजेपी) लगा है. बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने गुरुवार को एबीपी न्यूज चैनल को दिए इंटरव्यू में ये बाते कहीं.
इंटरव्यू के दौरान उनसे पूछा गया कि चुनावी नतीजों से करंट लगा या नहीं? इसपर उन्होंने कहा कि ‘करंट तो लगा ही है. मुझे लगता है कि हमें अपना मैनिफेस्टो थोड़ा पहले लाना चाहिए था, ताकि समय रहते उसे लोगों को पहुंचा सकें.
मनोज तिवारी से पूछा गया कि वो शाहीन बाग क्यों नहीं जा रहे तो उन्होंने कहा कि मैं किस हैसियत से शाहीन बाग जाऊं. वहां मुझपर हमला हो सकता है इस वजह से मैं वहां नहीं जा रहा है. शाहीन बाग को हम आज भी सही नहीं मानते और न ही कल मानेंगे.

उधर शिकस्त पर गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि चुनाव को लेकर उनका मूल्यांकन गलत निकला. शाह ने इसके अलावा अपनी पार्टी के उन नेताओं पर भी निशाना साधा, जिन्होंने चुनाव के दौरान कथित तौर पर उकसाने और महौल बिगाड़ने वाले बयान दिए थे. ये अलग बात है कि अनुराग ठाकुर के बयान के बाद खुद प्रवेश वर्मा लगातार भड़काऊ बयान देते रहे इसके बावजूद संसद में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा की शुरुआत पार्टी ने उनसे ही करृवाई. नतीजे आने के बाद भी विधायक ओपी शर्मा ने केजरीवाल को आतंकवादी कहा.

समाचार एजेंसी PTI की रिपोर्ट के मुताबिक, हार के बाद पहली बार शाह ने कहा- हम चुनाव सिर्फ हार और जीत के लिए नहीं लड़ते हैं. भाजपा ऐसी पार्टी है, जो अपनी विचारधारा का विस्तार करने में यकीन रखती है.
बकौल शाह, “दिल्ली चुनाव पर मेरा मूल्यांकन गलत निकला. दिल्ली चुनाव के नतीजे CAA और NRC पर जनादेश नहीं हैं.” चुनाव के दौरान विवादित बयान देने वाले बीजेपी नेताओं को लेकर वह आगे बोले- ‘गोली मारो…’ और ‘भारत-पाकिस्तान का मैच’ जैसे बयान नहीं दिए जाने चाहिए थे. पार्टी ने इस तरह की बयानबाजी से दूरी बनाई है.
Times Now Summit के दौरान शाह ने बाद में यह भी कबूला, “मैं दिल्ली चुनाव में अपनी हार स्वीकारता हूं. हो सकता है कि चुनाव में बीजेपी को ऐसे ही आपत्तिजनक बयानों के चलते नुकसान उठाना पड़ा हो.”

यही नहीं, भगवा पार्टी के नेता कपिल मिश्रा ने तो राजधानी के चुनाव को भारत बनाम पाकिस्तान का मैच करार दे दिया था. और, प्रवेश वर्मा ने दिल्ली CM और AAP संयोजक अरविंद केजरीवाल को कथित तौर पर आतंकी बताया था. हालांकि, बाद में उनकी इस पर सफाई भी आई थी.