कश्मीर में वोट के लिए बीजेपी ने हरा रंग अपनाया, भगवा और हिंदी दोनों भूली

बीजेपी ने आम चुनाव 2019 के लिए अखबारों में जो विज्ञापन छापा है उससे भगवा रंग गायब है उसकी जगह हरे रंग का इस्तेमाल किया गया है. खास बात यह है कि स्थानीय अखबारों में छपे इन विज्ञापनों में भगवा रंग का नाममात्र का भी इस्तेमाल नहीं किया गया है. कहा जाता है कि इस्लाम और पाकिस्तान से जुड़ा होने की वजह से हरा रंग कश्मीर में बहुत लोगों को भाता है. वहीं, बहुत सारे लोगों का यह भी दावा है कि हरा पैगंबर मोहम्मद का सबसे पसंदीदा रंग था.

अखबारों में जो विज्ञापन छपे हैं, उनमें श्रीनगर से बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़ रहे खालिद जहांगीर को वोट देने की अपील की गई है. इस विज्ञापन में बड़े पैमाने पर हरे रंग का इस्तेमाल किया गया है. बीजेपी का चुनव चिह्न सफेद रंग में दिखता है. इसके अलावा, पीएम नरेंद्र मोदी की फोटो भी दिखती है. विज्ञापन में उर्दू भाषा में स्लोगन लिखा है जिसका मतलब है कि झूठ छोड़ें, सच बोलें. इसके अलावा, उर्दू में ही बीजेपी को वोट देने के लिए कहा गया है.

विज्ञापनों में रंग के इस्तेमाल पर सवाल पूछे जाने पर बीजेपी प्रवक्ता अल्ताफ ठाकुर ने कहा कि पार्टी के झंडे में एक रंग हरा भी है. अल्ताफ ने द टेलिग्राफ से बातचीत में कहा कि हरे का इस्तेमाल सिर्फ इसलिए किया गया है क्योंकि यह शांति और विकास का प्रतीक है. भगवा रंग गायब क्यों है, इस वाल पर उन्होंने कहा कि कश्मीर घाटी पहले कमल की धरती पहले से है और बीजेपी हर रंग को भी पेश करना चाहती थी.

उधर, नेशनल कॉन्फ्रेंस नेता उमर अब्दुल्ला ने भी बीजेपी को निशाने पर लिया है. अब्दुल्ला ने कहा कि बीजेपी का भगवा अब हरे रंग में तब्दील हो गया है कि क्योंकि कश्मीर पहुंच चुका है. अब्दुल्ला ने कहा, ‘भरोसा नहीं होता कि पार्टी को वाकई ऐसा लगता है कि यह वोटरों को मूर्ख बना सकती है जबकि वह खुद को इस तरह से मूर्ख साबित कर रही है.’