गुजरात : आग से बच्चे जलते रहे, फायरब्रिगेड के पास सीढ़ी नहीं थी, 20 की मौत

कल ही गुजरात में संसद की सभी सीटें बीजेपी ने जीती हैं परिणाम के दूसरे ही दिन गुजरात सरकार की व्यवस्थाओं की पोल भी खुल गई.  शहर के तक्षशिला कॉम्प्लेक्स में शुक्रवार को आग लगने से 15 छात्रों समेत 20 की मौत हो गई. इमारत चार मंजिला है और इसकी दूसरी मंजिल पर आग लगी. हादसे के वक्त दूसरी मंजिल पर डिजाइनिंग की कोचिंग चल रही थी.

जान बचाने के लिए 13 बच्चे चौथी मंजिल से कूद गए. पता है बच्चों की जान इसलिए नहीं बचाई जा सकी क्योंकि दमकल की गाड़ियों में सीढ़ियां नहीं थी जो दो मंजिल उपर भी जा पातीं. ये उस राज्य का हाल है जहां देश की सबसे बढ़िया व्यवस्था होने की बातें करके तमाशे लूटे गए हैं  

हादसे के फुटेज भी सामने आए हैं. वीडियो में कई छात्र चौथी मंजिल से कूदते दिखाई दे रहे हैं. एक व्यक्ति ने 2 छात्राओं को बचाने की भी कोशिश की. 4 की मौत इमारत से कूदने की वजह से हुई.

स्थानीय लोगों का आरोप है कि दमकल की गाड़ियां आग लगने के आधे घंटे बाद मौके पर पहुंचीं. लेकिन, उस वक्त उनके पास जरूरी उपकरण नहीं थे, जिनके जरिए आग में फंसे बच्चों को बाहर निकाला जा सके. वीडियो में दिखाई दे रहा है कि जिस वक्त बच्चे इमारत से छलांग लगा रहे थे, उस वक्त दमकल सामने खड़ी थीं. लेकिन, उनकी सीढ़ियां ऊपरी मंजिल तक नहीं पहुंच पाईं. दैनिक भास्कर की रिपोर्ट में इस लापरवाही का साफ जिक्र है.

गुजरात के सीएम मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने हादसे पर दुख जाहिर किया. उन्होंने बच्चों के परिवारों के लिए मुआवजे का ऐलान किया और कहा कि एक दिन के भीतर हादसे की जांच रिपोर्ट पेश की जाए.

रुपाणी ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से बात की है. नड्डा ने एम्स ट्रामा सेंटर के निदेश को हर मदद के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए हैं. दिल्ली एम्स में भी डॉक्टरों की एक टीम को अलर्ट रखा गया है.