शाहीन बाग का 100 दिन पुराना धरना हटा, पुलिस ले गई दादियों की चप्पल और कुर्सियां

दिल्ली में लॉक डाउन और कोरोना के प्रसार को रोकने के लिए शाहीनबाग के धरनास्थल से लोग चले गए थे और प्रतीक के तौर पर कुछ चप्पल छोड़ दी थीं. आज दिल्ली पुलिस का भारी भरकम दस्ता ड्रोन बगैरह लेकर पहुंचा और सारा सामान वहं से उठा ले गया. पुलिस का कहना है कि  दक्षिण पूर्वी जिले के डीसीपी ने बताया कि मंगलवार सुबह वहां मौजूद प्रदर्शनकारियों से धरनास्थल को खाली करने की अपील की गई, लेकिन वे नहीं माने.

इसके बाद धरनास्थल को खाली करा दिया गया पुलिस ने सामान के असावा मौके से करीब 9 लोगों को पकड़ा है जिनमें 5 महिलाएं थी. पुलिस ने इस 100 दिन पुराने बेहद सफल धरने के टेंट को भी हटा दिया है.

दिल्ली के शाहीन बाग के साथ साथ पुलिस ने कोरोना का लाभ देखकर पूरे देश में नागरिकता कानून के खिलाफ चल रहे प्रदर्शनों को रोक दिया है.

महाराष्ट्र में कोरोना के सबसे ज्यादा केस सामने आए हैं, इस आधार पर मुंबई में नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ शाहीन बाग की तर्ज पर चल रहा धरना भी खत्म कर दिया गया . ये धरना पिछले 55 दिन से चल रहा था. वायरस के बढ़ते खतरे और धारा 144 लागू होने के बाद महिलाओं ने सांकेतिक रूप से अपना धरना खत्म कर दिया है. धरनास्थल पर रखी कुर्सियों पर जल्द वापस आने की बात लिखी गई है. इसके अलावा महिलाओं का कहना है कि उनका ये धरना सांकेतिक रूप से खत्म किया गया है, सीएए और एनआरसी के खिलाफ उनकी लड़ाई आगे भी जारी रहेगी. महिलाओं का कहना है कि अब इस आंदोलन के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल किया जाएगा.

उधर दिल्ली के ही  हौज रानी समेत आठ प्रदर्शनस्थलों को खाली कराया गया है. हालांकि बाकी जगहों से किसी को हिरासत में नहीं लिया गया है. फिलहाल दिल्ली में नागरिकता कानून और एनआरसी के विरोध में चल रहे सभी धरनास्थल खाली हो गए हैं.