आम्रपाली ने किस-किस को पैसे दिए, ऑडिट करो और पता लगाओ- सुप्रीम कोर्ट

आम्रपाली द्वारा हजारों लोगों को फ्लैट न देने को ‘गंभीर धोखाधड़ी’ बताते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगर इस मामले में 100 लोगों की भी भूमिका मिली, तो सब के सब अंदर जाएंगे. अदालत ने कहा कि मामले में करीब 2700 करोड़ रुपये फ्लैट बायर्स से लिए गए. ये पैसे कहा गए ये पता लगाया जाए.  शीर्ष अदालत ने कंपनी के खातों से लेकर सभी निदेशकों के खातों की फोरेंसिक ऑडिट के लिए ऑडिटरों के नाम सुझाने को कहा है.

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दूसरी तरफ एनबीसीसी ने सुप्रीम कोर्ट में साफ कह दिया है कि वो आम्रपाली प्रोजेक्ट्स को वित्तीय मदद नहीं देगा. एनबीसीसी प्रोजेक्ट को टेक ओवर करने वाला था. ये खबर आम्रपाली के करीब 5000 घर खरीदारों के लिए झटके के रूप में देखी जा रही है.

मामले में न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा और न्यायमूर्ति यूयू ललित की पीठ ने कहा कि हम यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि इस मामले में किन लोगों की भूमिका है. पीठ ने आम्रपाली से कहा कि वह ऑडिटरों का सहयोग करे, अन्यथा उसके ठिकानों को सील कर दिया जाएगा. वहीं एनबीसीसी ने कहा है कि आम्रपाली के 15 रिहायशी प्रोजेक्ट के 46,575 फ्लैट को पूरा करने में करीब 8500 करोड़ रुपये खर्च आएगा.  दुखद बात ये है कि आम्रपाली की सारी प्रॉपर्टी बेचने के बाद भी दो हज़ार करोड़ रुपये कम पड़ रहे हैं. कोर्ट यही पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि पैसे गए कहां.

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