जब अमित शाह का झूठ पकड़ा गया और झल्लाईं श्वेता सिंह

जैसे जैसे चुनाव नज़दीक आ रहे हैं बीजेपी गलती पर गलती कर रही है. पार्टी अध्यक्, एक बार फिर सार्वजनिक रूप से झूठ बोलकर फंस गए हैं. शाह ने मंगलावार को मालदा की रैली में विरोधियों पर यूनाइटेड इंडिया रैली में ‘भारत माता की जय’ और जय हिंद के नारे ना लगाने का आरोप लगाया. लेकिन ये आरोप झूठा निकला अब ये झूठ सिरदर्द बन रहा है.
दरअसल, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शनिवार को यूनाइटेड इंडिया रैली का आयोजन किया था. इस रैली में पूरा विपक्ष एक मंच पर नज़र आया था.
रैली में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू, डीएमके नेता एमके स्टालिन, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव, पाटीदार नेता हार्दिक पटेल, कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे और एनसीपी नेता शरद पवार सहित कई नेताओं ने शिरकत की थी.
इन नेताओं ने मंच से ही संदेश दिया कि आने वाले लोकसभा चुनाव में उनकी पार्टियां सत्ता रूढ़ बीजेपी के ख़िलाफ़ मैदान में उतरेंगी.
इस रैली के जवाब में अमित शाह ने मालदा की रैली में कहा, ”इन लोगों (विपक्ष) ने रैली में जय हिंद के नारे नहीं लगाए.”

उन्होंने कहा, ”महागठबंधन विपक्ष की अवसरवादी राजनीति की झलक है. वे लोग देश से प्यार नहीं करते.”
लेकिन सवाल ये उठता है कि क्या ये आरोप सच हैं? जवाब है-नहीं. अमित शाह का विपक्ष की रैली पर लगाया गया ये आरोप झूठा है.
पाटीदार नेता हार्दिक पटेल ने अपने भाषण का अंत ‘भारत माता की जय’ के नारे के साथ ही किया था.
पटेल ने 2017 में गुजरात के चुनाव के दौरान बीजेपी के ख़िलाफ़ चुनाव प्रचार का नेतृत्व किया था. हालांकि वो किसी राजनीतिक पार्टी का कभी हिस्सा नहीं रहे. गुजरात में हुए पाटीदार आंदोलन में हार्दिक पटेल सबसे बड़े पाटीदार नेता के रूप में उभरे.
सिर्फ़ हार्दिक ही नहीं ममता बनर्जी ने भी अपने भाषण का अंत ‘भारत माता की जय’ और ‘वंदे मातरम्’ के साथ ही किया था.
अमित शाह पहले शख़्स नहीं है जिन्होंने विपक्ष की रैली में ऐसे नारे ना लगाए जाने के आरोप लगाए हों. इससे पहले एक सोशल मीडिया पर एक स्क्रीनशॉट वायरल हुआ था जिसमें दावा किया जा रहा था कि न्यूज़ चैनल आज तक की न्यूज़ एंकर श्वेता सिंह ने भी विपक्ष की रैली में ऐसे नारे ना लगाए जाने की बात कही है.
हालांकि उन्होंने ऐसे किसी भी ट्वीट से इनकार किया है जो विपक्ष की रैली में लगने वाले नारों से जुड़े हों.

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि ये हैरानी की बात नहीं है बीजेपी ने विपक्ष को वंदे मातरम या भारत माता की जय के नारों पर घेरा हो, लेकिन इस बार पार्टी के अध्यक्ष अमित शाह ने झूठे दावों के जरिए घेरने की कोशिश की.
अब तक बीजेपी के किसी भी बड़े नेता और बीजेपी के ट्विटर से विपक्ष पर लगाए गए झूठे आरोप पर सफ़ाई नहीं पेश की गई है.

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