चुनाव के बीच अमेरिका क्यों पहुंचा रहा है भारत को नुकसान ?

जैसे भारत ने पाकिस्तान को मोस्ट फेवर्ड नेशन (MFN) का दर्जा दे रखा है और उसे टैक्स पर कई तरह की छूट मिलती है वैसे ही अमेरिका ने भारत को GSP यानी जनरलाइज्ड सिस्टम ऑफ प्रेफरेंसेज का दर्जा दे रखा है. अब डोनाल्ड ट्रंप सरकार ये दर्जा खत्म करने जा रही है. मई में भारत से यह दर्जा छिन सकता है. उधर इसके जवाब में  भारतीय अधिकारियों ने भी जवाबी शुल्क लगाने की बात कही है. इस कार्यक्रम के तहत आर्थिक विकास को प्रोत्साहित करने के लिए लाभार्थी देश के हजारों उत्पादों को शुल्क से छूट दी जाती है.

उधर सीनेट में कुछ सांसदों ने कहा है कि ट्रंप सरकार को कुछ दिन रुक जाना चाहिए क्योंकि भारत में चुनाव चल रहे हैं. दो सेनेटरों ने ट्रंप सरकार से सामान्य तरजीही व्यवस्था (जीएसपी) के तहत भारत को मिल रहे लाभों को खत्म करने के फैसले को टालने का आग्रह किया है. उन्होंने कहा है कि यदि अमेरिका 5.6 अरब डॉलर के ड्यूटी फ्री इंपोर्ट को खत्म करता है यह अमेरिकी ग्राहकों के लिए महंगा साबित होगा. जीएसपी व्यापार में तरजीह देने वाली अमेरिका की सबसे व्यापक और पुरानी योजना है.

‘अमेरिकी उपभोक्ताओं पर असर’

रिपब्लिकन पार्टी के सेनेटर जॉन कॉरनिन और डेमोक्रेटिक पार्टी के मार्क वार्नर ने अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (यूएसटीआर) रॉबर्ट लिथिजेर को पत्र लिखकर कहा, ‘हम इस बात से सहमत हैं कि बाजार को लेकर कई मुद्दे हैं, जिन पर ध्यान देने की आवश्यकता है, हम इस बात को लेकर भी चिंतित हैं कि ड्यूटी छूट से भारतीय उत्पादों का अमेरिका में निर्यात महंगा हो जाएगा. इसका असर अमेरिकी उपभोक्ताओं पर होगा.’

‘चुनाव तक टाल दें फैसला’

अमेरिकी सेनेटरों ने कहा है कि भारत-अमेरिका के रिश्ते बहुत महत्वपूर्ण हैं, ऐसे में चुनावी समय में इतना महत्वपूर्ण निर्णय करना जल्दबाजी होगी. दोनों सीनेटरों ने लिखा है, ‘आपको मालूम है कि भारत के चुनाव 23 मई, 2019 को समाप्त होंगे. हमारा मानना है कि चुनावी मौसम में हमारे भारतीय समकक्षों के लिए इतने महत्वपूर्ण राजनीतिक निर्णय के बारे में कुछ तय करना और कोई समझौता करना आसान नहीं होगा.’

पिछले साल अप्रैल में यूएसटीआर ने घोषणा की थी कि उसकी भारत सहित कई देशों की जीएसपी पात्रता की समीक्षा करने की योजना है. उल्लेखनीय है कि चार मार्च, 2019 को यूएसटीआर ने कांग्रेस को बताया था कि नियमों का अनुपालन नहीं करने की वजह से वह भारत के जीएसपी दर्जे को खत्म करने का इरादा रखता है.