मोदी शाह की जोड़ी के खिलाफ बगावत की तैयारी, नेतृत्व करेंगे जोशी और आडवाणी ?

बीजेपी के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी ने लाल कृष्ण आडवाणी से मुलाकात की है. चुनावी सीजन में इस मुलाकात के अलग-अलग मतलब निकाले जा रहे हैं. सूत्रों के मुताबिक आज (शुक्रवार) सुबह बीजेपी के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी लाल कृष्ण आडवाणी से मिले. दोनों ने साथ चाय पी.

उधर खबर है कि आडवाणी और जोशी के फरमाबरदार सांसद मोदी के खिलाफ खुली जंग के पक्ष में हैं. यहां तक विचार किया जा राह है कि अडवाणी और जोशी गांधीनगर और कानपुर से निर्दलीय के रूप में चुनाव लड़ें. यशवंत सिन्हा को झारखंड के हजारीबाग से और पटना साहब से शत्रुघ्न कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ें. मोदी को हराने के लिए नया मोर्चा बनाया जाए और ये मोर्चा असली बीजेपी की विचारधारा की वापसी के मुद्दे पर काम करे.

खबर है कि आडवाणी अगर इस फॉर्मूले के लिए तैयार होते हैं और नेतृत्व की भूमिका निभाने के लिए तैयार हैं तो बीजेपी के लगभग 60 सांसद ऐसे हैं जो आसानी से उनके साथ आ जाएंगे. बड़े नेताओं में आडवाणी को पिता तुल्य मानने वाली सुषमा स्वराज और उमा भारती भी चुनाव लड़ने के लिए फिर से सामने आ सकती हैं.

माना जा रहा है कि संघ की तरफ से भी इस बगावत को समर्थन मिल सकता है क्योंकि ये धारणा भी है कि सारी संस्थाओं पर कब्जा करने के बाद मोदी शाह की जोड़ी अब आसानी से मोहन भागवत को निशाना बना सकती है.

बता दें कि इस चुनाव में लाल कृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी को बीजेपी नेतृत्व ने टिकट नहीं दिया है, ना ही इन्हें प्रचार अभियान में शामिल किया है. बीजेपी द्वारा टिकटों की घोषणा के बाद दोनों नेताओं की ये पहली मुलाकात है. इससे पहले लाल कृष्ण आडवाणी गुजरात के गांधीनगर से चुनाव लड़ते थे. इस बार गांधीनगर से बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह चुनाव लड़ रहे हैं. 2014 के लोकसभा चुनाव में मुरली मनोहर जोशी कानपुर से चुनाव लड़े थे. इस बार वहां से यूपी सरकार में मंत्री सतीश पचौरी चुनाव लड़ रहे हैं.

मुरली मनोहर जोशी और लाल कृष्ण आडवाणी के बीच ये मुलाकात उस वक्त हुई है जब गुरुवार को ही आडवाणी ने ब्लॉग लिखकर अप्रत्यक्ष रूप से ही बीजेपी आलाकमान को संदेश देने की कोशिश की है. आडवाणी के ब्लॉग में बेहद सख्त संदेश था उन्होंने कहा था कि ये बीजेपी वो बीजेपी नहीं है जिसकी उन्होंने स्थापना की थी. आडवाणी ने लिखा था कि विरोधियों को दुश्मन समझना और व्यक्ति को देश और पार्टी से ऊपर समझना बीजेपी की संस्कृति नहीं थी

खबर है कि बीजेपी को अपने खून पसीने से सींचने वाले ज्यादातर पुराने लोग कुछ करने के मूड में हैं. आज की मुलाकात इसी का हिस्सा है.  2019 का लोकसभा चुनाव बीजेपी के दिग्गज नहीं लड़ रहे हैं. इनमें आडवाणी, जोशी के अलावा सुषमा स्वराज, उमा भारती, शांता कुमार, सुमित्रा महाजन शामिल हैं. बता दें कि आज यानी शुक्रवार को ही लोकसभा की स्पीकर सुमित्रा महाजन ने लोकसभा चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया है. सुमित्रा महाजन ने एक पत्र लिखकर अपनी राय जाहिर की है. इंदौर की सांसद सुमित्रा महाजन ने सवाल किया कि उनकी पार्टी ने अबतक इंदौर लोकसभा सीट से अभी तक उम्मीदवार घोषित क्यों नहीं किया है. सुमित्रा ने पूछा है कि क्या पार्टी को किसी तरह का संकोच हो रहा है, ये अनिर्णय की स्थिति क्यों है? सुमित्रा ने लिखा है कि वो चुनाव नहीं लड़ने की घोषणा कर रही हैं ताकि पार्टी बिना संकोच फैसला ले सके.  

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