स्वामी अग्निवेश पर ABVP कार्यकर्ताओं का हमला, पीटा कपड़े फाड़े

भारतीय जनता युवा मोर्चा धीरे धीरे एक हिंसक संगठन में तब्दील होता जा रहा है. सामाजिक कार्यकर्ता स्वामी अग्निवेश पर मंगलवार को उसके लोगों ने हमला कर दिया. अग्निवेश को पहले काले झंडे दिखाए, फिर मारपीट की. इससे उनके हाथ-पैर और सिर में चोट आई. मारपीट के दौरान स्वामी के कपड़े भी फट गए.

भाजपा युवा मोर्चा का आरोप है कि अग्निवेश गौमांस को बढ़ावा देते हैं. दंतेवाड़ा में शहीद जवानों के बारे में अशब्द कहते हैं और नक्सलियों का समर्थन करते हैं. अग्निवेश पाकुड़ से लिट्टीपाड़ा जा रहे थे, जहां उन्हें पहाड़िया समुदाय को संबोधित करना था.

हमले के बाद स्वामी अग्निवेश ने कहा -मेरे हिसाब से ये प्रायोजित हमला है. मुझे कोई सिक्योरिटी नहीं दी गई थी. ये एक साजिश है. बीजेपी युवा मोर्चा और एबीवीपी ने ही हमला कराया है. जैसे ही मैं कार्यक्रम स्थल से बाहर आया BJYM और एबीवीपी के कार्यकर्ताओं ने बिना वजह मुझ पर हमला कर दिया. उन्होंने आरोप लगाया कि मैं हिन्दुओं के खिलाफ बोल रहा हूं. मैं समझता था कि झारखंड एक शांतिपूर्ण राज्य है लेकिन इस घटना के बाद मेरे विचार बदल गए हैं.

अग्निवेश ने कोलकाता से कानून और बिजनेस मैनेजमेंट की पढ़ाई की है. पढ़ाई की बाद उन्होंने आर्य समाज में संन्यास ग्रहण किया. इस दौरान 1968 में उन्होंने आर्य सभा नाम की राजनीतिक पार्टी बनाई. हरियाणा से विधानसभा चुनाव लड़ा और जीतकर मंत्री भी बने. बाद में राजनीति से संन्यास ले लिया.

मुख्यमंत्री रघुवर दास ने पाकुड़ में स्वामी अग्निवेश के साथ हुई मारपीट की घटना की जांच कराने का आदेश गृह सचिव को दिया है. गृह विभाग के प्रधान सचिव एसकेजी रहाटे ने संथालपरगना के कमिश्नर और डीआइजी को जांच कर विस्तृत रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया है.

स्वामी अग्निवेश ने आरोप लगाते हुए कहा कि उनपर जानलेवा हमला अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद्, भाजपा तथा कट्टर हिन्दूवादी संगठनों ने किया जो सरकार द्वारा प्रायोजित था. अग्निवेश ने कहा कि उनके पाकुड़ आने की पूर्व सूचना जिले के उपायुक्त, एसपी समेत तमाम अधिकारियों को लिखित रूप में दी गई थी.

बावजूद उनकी सुरक्षा में एक भी पुलिसकर्मी होटल के समक्ष मौजूद नहीं थे. स्वामी अग्निवेश के अनुसार 80 साल के उम्र तक वे देश के विभिन्न राज्यों में कई मुद्दों को लेकर आंदोलन करते रहे परंतु, उनके साथ आजतक ऐसी घटना नहीं हुई. उन्होंने कहा कि उन्हें क्यों पीटा गया यह समझ में नहीं आ रहा है. स्वामी अग्निवेश ने कहा कि वे बुधवार को झारखंड के राज्यपाल से मिलेंगे तथा अगले दिन दिल्ली जाकर वकीलों से सलाह लेकर कोर्ट में मामला दर्ज करने पर विचार करेंगे.

इससे पहले हिंदू महासभा ने  स्वामी अग्निवेश के सर को कलम करने के लिए 5 लाख रुपए नगद देने की घोषणा भी की थी. महासभा ने स्वामी अग्निवेश को एक देश द्रोही बताया थाी. हिन्दू महासभा के प्रदेशाध्यक्ष धर्मपाल सिवाच ने कहा कि स्वामी को एक देशद्रोही बताते हुए उन्हें आर्य समाज से निकालने की वकालत की है. धर्मपाल ने कहा कि संत समाज ने इस देश द्रोही को निकाल दिया है अब आर्य समाज को भी इसको समाज से निकाल देना चाहिए. अग्निवेश एक समय में अन्ना हजारे की टीम का हिस्सा रहे  थे.

युवा मोर्चा के सहयोगी संगठन एबीवीपी पर भी गंभीर आरोप लगते रहे हैं. रोहित वेमुला की आत्महत्या के पीछे एबीवीपी का अभियान ही सामने आया था. आरोप है कि  जेएनयू के लापता छात्र नजीब के लापता होने से पहले उसे एबीवीपी के लोगों ने ही पीटा था.

हाल ही में भुज में सीनेट चुनाव में एक प्रोफेसर के चेहरे पर एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने कालिख पोत दी.  कार्यकर्ता यहीं नहीं रुके. उन्होंने प्रोफेसर का उसी हालत में जुलूस भी निकाला. प्रोफेसर पर इन छात्रों ने आरोप लगाया कि उसने सीनेट चुनाव में धांधली की है.

इससे पहले उज्जैन में विद्यार्थियों ने एक प्रोफेसर की पिटाई की थी.

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