पंचर वाले के पढ़े लिखे बेटे के दो बार विधायक बनने की दास्तान

दिल्ली का पंचरवाला विधायक बना, दिलली विधानसभा चुनाव में भोपाल के पंचर वाले का बेटा विधायक बना. विधायक के पिता पंचर वाले या कुछ और जो शीर्षक आप लगाना चाहें लेकिन ये खबर एक आम आदमी के सत्ता में जाने की है.

दिल्ली की बेहद अहम सीट से विधायक बने प्रवीण कुमार अन्ना आंदोलन के समय केजरीवाल के साथ आए उनका राजनीति से कोई लेना देना नहीं था. प्रवीण कुमार मौजूदा समय में दिल्ली की जंगपुरा से विधायक हैं.वो दूसरी बार चुनकर आए हैं.

प्रवीण कुमार भोपाल के रहने वाले हैं. उन्होंने साल 2008 में एमबीए करने के बाद नौकरी के लिए दिल्ली का रुख कर लिया. यहां उन्होंने 2011 में अन्ना आंदोलन से प्रभावित होकर नौकरी छोड़ी और अरविंद केजरीवाल के साथ जुड़ गए.

अरविंद केजरीवाल ने साल 2015 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में प्रवीण कुमार को जंगपुरा से चुनाव मैदान में उतारा. प्रवीण ने भी पार्टी को निराश नहीं किया और करीब 20 हजार वोटों से जीत कर विधायक बने.

इस बार भी अरविंद केजरीवाल ने उनपर भरोसा दिखाते हुए दोबारा जंगपुरा से मैदान में उतारा. इस बार भी प्रवीण कुमार जीत दर्ज कर दूसरी बार एमएलए बने.

दो बार के विधायक प्रवीण कुमार एक बेहद साधाराण परिवार से संबंध रखते हैं. उनके पिता पी एन देशमुख पंचर बनाने का काम करते हैं.

प्रवीण कुमार के पिता भोपाल के जिंसी चौराहा बोगदापुल के पास ज्योति टायर वर्क्स के नाम से टायर सुधारने और पंचर बनाने की दुकान चलाते हैं.

बेटे के विधायक बनने के बाद भी दुकान पर किसी तरह का बदलाव नहीं हुआ पिता बदस्तूर पंचर बनाने का काम करते रहे.

चुनाव नतीजों के दिन उनके माता-पिता भी दिल्ली आ गए थे. प्रवीण कुमार ने ये तस्वीर अपने सोशल मीडिया अकाउंट से शेयर की थी.

इस बार प्रवीण कुमार ने दिल्ली के जंगपुरा से ही अपने निकटतम प्रतिद्वंदी को 16 हजार 63 वोटों के अंतर से पराजित किया है.