पुरस्कारों की दुनिया से लंबे समय बाद अच्छी खबर, चुपचाप हिंदी खबरों की सेवा करने वाले को आखिर मिला सम्मान

आज का जमाना अपने ढोल फिर पीटने का है. जो लोग चुपचाप अपना काम करते हैं उनकी तरफ ध्यान ही नहीं जाता. वो नींव के पत्थर बने रहते हैं. लेकिन कभी कभी ऐसा वक्त भी आता है कि लोग नफा नुकसान, रैकेट और नेटवर्किंग से अलग असल काम करने वालों को भी समाज में पहचान मिल जाती है. आज तक के सुप्रिय प्रसाद को कौन नहीं जानता. जो लोग उनके साथ काम कर चुके हैं उनसे ज्यादा तो कोई नहीं जानता. साल में तीन सौ से ज्यादा अवार्ड जीतने वाले चैनल के मुखिया सुप्रिय अगर खबर है तो न्यूज़रूम में दिखते हैं. उन्हें दुनिया का कोई कैमरा या कोई लालच कभी अपनी तरफ नहीं आकर्षित कर सकता.

सुप्रिय के साथ काम करने वाले लोग जानते हैं कि वो हर मिनट अपने चैनल को जीते हैं.

दिन हो या रात टीवी पर दिखाई जाने वाली हर खबर पर सुप्रिय की नज़र रहती है.  वो लाइमलाइट से दूर रहते हैं और सिर्फ पत्रकारिता पर ध्यान देते हैं. सांप बिच्छू, भूत प्रेत, एलियन और उड़न तश्तरी से पत्रकारिता को वापस खबर पर घसीट के लाने के पीछे सुप्रिय प्रसाद की भूमिका को कोई नकार नहीं सकता.

अब दिल्ली हिंदी अकादमी ने सुप्रिय की भूमिका को पहचाना है. दिल्ली हिंदी अकादमी ने यू तो हिंदी के लिए काम करने वाले करीब 15 लोगों को सम्मानित किया है लेकिन सुप्रिय प्रसाद को मिला छोटा सा पुरस्कार भी बड़ा बन गया है. सुप्रिय प्रसाद को पत्रकारिता सम्मान मिला है. वैसे इस बार सम्मान देने के मामले में जो भी लोग शामिल थे सबने गुंताड़ेबाज़ लोगों को दूर ही रखा है.

दिल्ली सरकार की हिंदी अकादमी का शलाका सम्मान प्रख्यात हिंदी साहित्यकार डॉ. विश्वनाथ त्रिपाठी को मिलना है. पुरस्कार के साथ पांच लाख रुपये की सम्मान राशि प्रदान की जाती है. हिन्दी अकादमी संचालन समिति की वार्षिक बैठक के बाद उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने अलग-अलग श्रेणियों में कुल 15 सम्मानों की घोषणा की.

उप मुख्यमंत्री सिसोदिया ने कहा कि साहित्यकारों का सम्मान समाज की प्रतिनिधि सोच का सम्मान है. हिंदी अकादमी द्वारा दिए जाने वाले सम्मानों का महत्व राष्ट्रीय स्तर का है. हिंदी साहित्य में विशेष योगदान के लिए आलोचक और साहित्यकार डॉ. विश्वनाथ त्रिपाठी को शलाका सम्मान प्रदान किया जाएगा. वहीं हिंदी अकादमी शिखर सम्मान शीला झुनझुनवाला को दिया जाएगा. इस पुरस्कार के साथ दो लाख रुपये की सम्मान राशि प्रदान की जाती है.

इसके अलावा निर्मला जैन को संतोष कोली स्मृति सम्मान, सुधाकर बाबू पाठक को विशिष्ट योगदान सम्मान, माणिक वर्मा को काव्य सम्मान, डॉ. श्योराज सिंह बेचैन को गद्य विधा सम्मान, डॉ. यतीश अग्रवाल को ज्ञान-प्रौद्योगिकी सम्मान, घमंडीलाल अग्रवाल को बाल साहित्य सम्मान, राधावल्लभ त्रिपाठी को नाटक सम्मान, वरुण ग्रोवर को हास्य व्यंग्य सम्मान, हरजेन्द्र चौधरी को अनुवाद सम्मान, , सलिल चतुर्वेदी को हिंदी सेवा सम्मान, डॉ. पृथ्वी सिंह (गढ़वाली) को सहभाषा सम्मान प्रदान किया जाएगा.