दस-दस हजार में जमातियों को मिल रही है जमानत, 82 बांग्लादेशी फिर छूटे

मरकज मामले में बांग्लादेश के 82 जमातियों को जमानत दे दी गई है. जमातियों को 10-10 हजार के निजी मुचलके पर जमानत मिली है. बताया जा रहा है कि इन आरोपियों की तरफ से शनिवार को प्री-बार्गेनिंग की याचिका दाखिल की जा सकती है. साकेत स्थित मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट की अदालत ने बांग्लादेशी नागरिकों को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से पेश किया गया.

इनकी पहचान वहां के दूतावास के अधिकारी व मामले के जांच अधिकारी ने दस्तावेजों के आधार पर की. जिसके बाद अदालत ने जमानत प्रक्रिया शुरू की और एक एक कर आरोपी पक्ष की ओर से दस्तावेज जमा कराए. याद रहे कि इसी जमात में 36 देशों का नागरिक शामिल हुए थे. चब कोरोना फैला तो मरकज की इमारत में ही ये फंस गए. सरकार ने सभी जमातियों पर निजामुद्दीन मरकज में हजारों की संख्या में एकत्रित होने व वहां रहने का आरोप है.

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गौरतलब है कि दिल्ली की एक अदालत ने बुधवार को भी वीजा शर्तों का उल्लंघन कर राजधानी के निजामुद्दीन इलाके में स्थित तबलीगी जमात के मरकज के एक आयोजन में शामिल होने के मामले में 21 देशों के 91 नागरिकों को जमानत दे दी थी. इन लोगों पर वीजा शर्तों का उल्लंघन करने के अलावा अवैध रूप से मिशनरी गतिविधियों में शामिल होने और देश में कोविड-19 महामारी के मद्देनजर जारी किए गए सरकारी दिशानिर्देशों का उल्लंघन करने के आरोप है.

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अदालत ने इस मामले में मंगलवार को भी मलेशिया के 122 नागरिकों को जमानत दी थी. अदालत ने मामले में 36 विभिन्न देशों से संबंधित 956 विदेशी नागरिकों के खिलाफ दायर 59 आरोप पत्रों पर संज्ञान लिया है और वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये विभिन्न तिथियों पर आरोपियों को तलब किया. आरोप पत्रों के अनुसार, सभी विदेशी नागरिकों पर वीजा नियमों, कोविड-19 महामारी के मद्देनजर सरकारी दिशा-निर्देशों और धारा 144 के तहत निषेधात्मक आदेशों का उल्लंघन करने के आरोप है.