चुनाव आते ही सरकार ने खोला खज़ाना, वेतन भोगियों को मिलेगा ये फायदा

चुनाव आते आते सरकारी खज़ाना खुलने लगा है . सातवें वेतन आयोग को आकर अर्सा हो गया है लेकिन अब तक सरकारें उसे टालती रहीं अब चुनाव आ रहा है तो बिहार के सरकारी वेतन भोगियों की मौज आ गई है. सीएम नीतीश के नेतृत्व वाली बिहार सरकार ने सरकारी वेतन भोगियों की सैलरी बढ़ा दी है.

यहां सरकारी वेतन भोगियों को करीब दो फीसदी डीए ज्याया मिलेगा. इतना ही नहीं वेतन भोगियों को यह डीए 1 जुलाई 2018 से दिया जाएगा. अब कुल मिलाकर राज्य सरकार के वेतन भोगियों का डीए 9 फीसदी हो गया है. इस बढ़ोतरी के बाद राज्य सरकार पर 419 करोड़ रुपए का बोझ पड़ेगा.

यह फैसला तब सामने आया है जब उत्तर प्रदेश सरकार के कर्मचारी पुरानी पेंशन योजना के साथ नई पेंशन योजना को बदलने की मांग कर रहे हैं. ‘पुरानी पेंशन बहाली मंच’ की कॉल पर ये कर्मचारी हड़ताल पर जाएंगे. हालांकि, राज्य सरकार ने विरोध में भाग लेने वाले किसी भी कर्मचारी के वेतन में कटौती की धमकी दी है.

इसके अलावा केंद्रीय वेतन भोगियों की मांग है की उनकी भी मिनिमम सैलरी को बढ़ाया जाए. सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने के बाद भी केंद्रीय कर्मचारी चाहतें हैं कि उनकी सैलरी को अभी और बढ़ाया जाए.

वेतन भोगियों का कहना है कि उनके लिए न्यूनतम सैलरी 18,000 रुपए काफी कम है. वहीं फिटमेंट फेक्टर को भी 2.57 से ज्यादा बढ़ाने की मांग कर रहे हैं. केंद्रीय वेतन भोगियों की मांग है कि उनकी मिनिमम सैलरी को 26,000 रुपए किया जाए. वहीं फिटमेंट फेक्टर को भी बढ़ाकर 3.68 गुना कर दिया जाए.

आपको बता दें कि ओडिशा सरकार ने भी अपने वेतन भोगियों को हाल ही में तोहफा दिया था. दरअसल राज्य सरकार ने अपने वेतन भोगियों और पेंशनर्स का महंगाई भत्ता (डीए) 2 फीसदी बढ़ाया था. इस बढ़ोतरी के साथ राज्य सरकार के वेतन भोगियों का कुल डीए 9 फीसदी हो गया है. राज्य सरकार के वेतन भोगियों और पेंशनर्स के लिए यह महंगाई भत्ता 1 जुलाई 2018 से लागू होगा.

राज्य सरकार के वेतन भोगियों और पूरी तरह से सहायता प्राप्त निजी कॉलेजों के शिक्षकों और वेतन भोगियों को इसका फायदा मिलेगा.

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