#EXCLUSIVE दिल्ली से ये सात तय हुए हैं कांग्रेस के उम्मीदवार

कांग्रेस पार्टी ने दिल्ली में लोकसभा चुनाव को लेकर बड़ी तैयारी शुरू कर दी है. इस बार पार्टी मजबूत उम्मीदवारों के साथ मैदान में उतरने वाली है. कांग्रेस की नीति इतनी मजबूत है कि आने वाले समय में आम आदमी पार्टी का तीसरे नंबर पर पहुंचना तय है. पार्टी सूत्रों के मुताबिक पार्टी अध्यक्ष शीला दीक्षित खुद साऊथ ईस्ट या कहें कि ईस्ट दिल्ली सीट पर चुनाव लड़ेंगी. इस सीट पर उनका नाम लगभग तय है.

सबसे अहम नाम दक्षिणी दिल्ली से पहलवान सुशील कुमार का है. देश को ओलंपिक में गोल्ड मैडल जिताने वाले सुशील का नाम  सबसे आगे चल रहा है. खबर है कि पहलवान सुशील कुमार का नाम फाइनल है और सुशील से इस बारे में बात भी कर ली गई है. सुशील अगर कांग्रेस के साथ आता है तो ये बीजेपी के राष्ट्रवादी एजेंडे को भी धक्का होगा क्योंकि सुशील की इमेज भारत के गौरव के साथ जुड़ी हुई है.

सूत्रों के मुताबिक इसके अलावा नॉर्थ ईस्ट दिल्ली सीट पर कांग्रेस के धुरंधर जेपी अग्रवाल चुनाव लड़ेंगे. मनोज तिवारी के मुकाबले जेपी अग्रवाल मुसीबत खडी कर सकते हैं. अगर वो चूक भी गए तो आप के दिलीप पांडे को तीसरे नंबर पर तो धकेल ही देंगे.

ये हैं संभावित नाम

ईस्ट दिल्ली से जेपी अग्रवाल

साउथ ईस्ट दिल्ली से शीला दीक्षित

पश्चिमी दिल्ली से सुशील कुमार ओलंपियन

चांदनी चौक से कपिल सिब्बल

उत्तर पश्चिम दिल्ली से राजकुमार चौहान

नई दिल्ली से अजय माकन

दक्षिणी दिल्ली से महाबल मिश्रा

केन्द्रीय युनाव समित की बैठक की जो जिन नामों पर चर्चा हुई है उनमें शीला के अलावा चांदनी चौक से कपिल सिब्बल चुनाव लडेंगे कपिल सिब्बल हर्षवर्धन के लिए मुसीबत खड़ी कर सकते हैं. माना जा रहा है कि बीजेपी हर्षवर्धन को वहां से निकालकर शीला दीक्षित के मुकाबले ईस्ट दिल्ली से उतारेगी. अभी के सांसद महेशगिरी को हो सकता है टिकिट भी न मिले.

अभी तक गठबंधन न होने पर चुनाव न लडने की बात कहने वाले अजय माकन को भी पार्टी ने नई दिल्ली से उतारने का मन बनाया है. अजय माकन बड़ा नाम हैं लेकिन ये सवाल उठेगा कि जो व्यक्ति खराब सेहत के कारण पार्टी अध्यक्ष पद छोड़ सकता है वो सांसद की ज़िम्मेदारियां कैसे निभाएगा.

उत्तर पश्चिमी दिल्ली सीट से पार्टी राजकुमार चौहान को लड़ाने वाली है. राजकुमार चौहान दलित नेता हैं और इस इलाके में दलित वोटरों की संख्या अच्छी खासी है. राजकुमार चौहान दिल्ली सरकार में ताकतवर मंत्री रह चुके हैं.

पश्चिम दिल्ली से पूर्वांचल के लोगों में मजबूत पकड़ रखने वाले महाबल मिश्रा का नाम पार्टी ने लगभग तय किया है. महाबल मिश्रा एक बार संसद का चुनाव जीत चुके हैं और लगातार सक्रिय हैं. इस इलाके में महाबल का नाम काफी मजबूत है.

इन सभी खबरों के बीच दिल्ली कांग्रेस प्रभारी पीसी चाको ने गुरुवार को प्रदेश अध्यक्ष शीला दीक्षित से मुलाकात की. इस दौरान सातों सीट के लिए उम्मीदवारों के नाम पर चर्चा की गई. इस बैठक में भी इसी विषय पर बात हुई. पार्टी अपने पूर्व सांसदों पर ही लोकसभा चुनावों में भरोसा करने जा रही है. इसी के अनुसार उम्मीदवारों के पैनल तैयार किए जा रहे हैं.

कांग्रेस से गठबंधन न होने के पीछे ‘आप’ शीला दीक्षित को असली वजह मान रही है. पार्टी का कहना है कि शीला दीक्षित की जिद के आगे कांग्रेस नतमस्तक हो गई. उनके विरोध के चलते ही कांग्रेस ने ‘आप’ के साथ गठबंधन नहीं किया. पार्टी कार्यालय में गोपाल राय ने कहा कि गठबंधन के दरवाजे शीला दीक्षित ने पहले दिन से बंद कर रखे थे. शीला के आगे पूरी कांग्रेस नतमस्तक हो गई. शीला दीक्षित के आगे पूरी कांग्रेस नतमस्तक हो गई.