पकौड़े वाले पर इनकम टैक्स का छापा, सरैंडर किए 60 लाख रुपये

लुधियाना में शुक्रवार को इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के सामने पन्ना सिंह ‘पकौड़ेवाले’ ने 60 लाख रुपये सरेंडर किए. एक दिन पहले ही आईटी डिपार्टमेंट ने गिल रोड और मॉडल टाउन स्थित उनके दो आउटलेट्स पर दिनभर सर्वे किया था.

इनकम टैक्स विभाग को पुख्ता जानकारी मिली थी कि पकौड़े की दुकान के मालिक टैक्स बचाने के लिए पेपर पर इनकम कम दिखा रहे हैं.

इसी सूचना के बाद मुख्य इनकम टैक्स कमिश्नर डीएस चौधरी के नेतृत्व में इनकम टैक्स विभाग की एक टीम ने दोनों दुकानों के बही-खातों की जांच की.

गौरतलब है कि साल 1952 में पन्ना सिंह नाम के व्यक्ति ने गिल रोड में इस पकौड़े के दुकान की स्थापना की थी. कुछ ही सालों में पन्ना सिंह की दुकान पंजाब और आसपास के राज्यों में अपने पनीर पकौड़े और दही भल्ले की वजह से मशहूर हो गई थी. पन्ना सिंह पकौड़ेवाले के ग्राहकों में बड़े राजनेता, पुलिस अधिकारी, नौकरशाह, बिजनसमैन आदि भी शामिल हैं.

साथ ही विभाग ने दुकान के प्रतिदिन होने वाली औसत आय की जानकारी के लिए एक अधिकारी को गुरुवार को दिनभर दुकान में हो रही बिक्री पर नजर रखने के लिए लगाया गया. इसके बाद आउटलेट्स की सलाना अनुमानित टैक्स लायबिलिटी का हिसाब आईटी विभाग ने लगाया. साथ ही इनके द्वारा चुकाए गए टैक्स से सलाना अनुमानित टैक्स लायबिलिटी की गणना की गई.

इस पूरे मामले पर इनकम टैक्स विभाग ने कोई भी प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया है, लेकिन पकौड़े की दुकान के मालिक देव राज ने हमारे सहयोगी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत में इनकम टैक्स विभाग के पास 60 लाख रुपये की अघोषित आय सरेंडर की पुष्टि की है.

गौरतलब है कि साल 1952 में पन्ना सिंह नाम के व्यक्ति ने गिल रोड में इस पकौड़े के दुकान की स्थापना की थी. कुछ ही सालों में पन्ना सिंह की दुकान पंजाब और आसपास के राज्यों में अपने पनीर पकौड़े और दही भल्ले की वजह से मशहूर हो गई थी. पन्ना सिंह पकौड़ेवाले के ग्राहकों में बड़े राजनेता, पुलिस अधिकारी, नौकरशाह, बिजनसमैन आदि भी शामिल हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published.