मोदी सरकार ने 300 भारतीयों को कोरोना से मरने के लिए छोड़ा, हृदय विदारक वीडियो

कोरोनावायरस को फैलने से रोकने के लिए केंद्र सरकार ने सभी वीजा आवेदन निरस्त कर दिए हैं. इसके साथ ही सभी विदेशी फ्लाइट्स के लिए कोविड-19 निगेटिव सर्टिफिकेट लाना अनिवार्य कर दिया है. सरकार के इस आदेश की वजह से इटली के मिलान और रोम एयरपोर्ट पर 300 से ज्यादा भारतीय नागरिक फंस गए हैं. इनमें गर्भवती महिलाएं और छोटे बच्चे भी शामिल हैं.

ऐसी हालत में लोग सुषमा स्वराज को याद कर रहे हैं जो किसी भी भारतीय क परशानी में होने पर तुरंत मदद भिजवाती थीं. हालात ये हैं कि इटली में करोना वायरस का आतंक है और भारतीय वहां से निकलने को तड़प रहे हैं लेकिन उनके ही देश की सरकार है कि पिघलने को तैयार नहीं है.

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एक महिला यात्री ने वीडियो भेजकर सरकार की बेरुखी का वर्णन किया. महिला ने वीडियो में अपनी मुश्किलें बताते हुए कहा, ”भारत आने के लिए हम नौकरी छोड़ चुके हैं. घर भी छोड़ दिया है. अब ऐसी स्थिति में हम कहां जाएं?” वीडियो भेजने वाली महिला केरल की रहने वाली है. वह काम के सिलसिले में इटली गई थी.

इटली में ही फंसी एक अन्य महिला यात्री ने कहा, ”यहां सबकुछ छोड़ने के बाद हम अपने देश के अलावा कहां जाएं? इन्होंने भारत सरकार से मांग की है कि उन्हें भारत आने की मंजूरी दी जाए. यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. एक अन्य यात्री ने कहा, ”इटली सरकार और एयरलाइंस ने हमें भारत जाने की मंजूरी दे दी है. हमारी फ्लाइट को मंजूरी भी मिल गई है, लेकिन भारत सरकार के नियमों के चलते हम उड़ान नहीं भर पा रहे हैं. भारत सरकार एयरलाइंस से कोविड-19 निगेटिव सर्टिफिकेट मांग रही है, जबकि यहां उन लोगों का टेस्ट ही नहीं हो रहा, जिनमें संक्रमण के लक्षण नहीं हैं.”

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इटली में फंसी महिला ने वीडियो में कहा, ”डियर फ्रेंड्स, हम लोग इटली में हैं. हमने कन्फर्म टिकट बुक किया, लेकिन हम केरल नहीं पहुंच पा रहे हैं. इटली सरकार का कहना है कि वह हमारी फ्लाइट को मंजूरी दे चुकी है, लेकिन भारत सरकार ने रोक लगा रखी है. अब हम कहां जाएं? यहां हमसे गैरकानूनी लोगों की तरह बर्ताव किया जा रहा है.

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कड़कड़ाती ठंड में हम एयरपोर्ट के एक किनारे में बैठने को मजबूर हैं. हमारे साथ छोटे बच्चे हैं. गर्भवती महिलाएं हैं. भारत सरकार से अनुरोध है कि वह हमें भारत में आने की मंजूरी दे. अगर जरूरत पड़ी तो वह हमें 14 दिन क्या, 28 दिन तक निगरानी में रह लेंगे.”

केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने वीडियो को संज्ञान में लेते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हस्तक्षेप करने की मांग की है. मुख्यमंत्री ने मोदी को चिठ्ठी लिखकर भारतीय नागरिकों के हालात की जानकारी दी और उन्हें वापस लाने में मदद करने की मांग की. केरल विधानसभा ने एक प्रस्ताव भी पास कर सरकार के सर्कुलर को वापस लेने की मांग की है. मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि विदेशों में सरकार उन्हीं लोगों का कोरोनावायरस टेस्ट करा रही हैं, जिनमें संक्रमण के लक्षण हैं. ऐसे में बगैर लक्षण वालों का टेस्ट नहीं हो रहा है और नागरिक वहां फंसे हुए हैं.