मोदी की ज़िद से मारे गए 23 शेर? विजय रूपाणी ने बताया दुर्भाग्यपूर्ण

पहले ये खबर पढ़ें फिर इसका प्रधानमंत्री मोदी से कनेक्शन बताऊंगा. गुजरात के गिर में शेरों की मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है. गिर अभयारण्य में जांच अभियान के दौरान बचाव केंद्र में भेजे गए दो और शेरों की मंगलवार को मौत हो गई. अब 12 सितम्बर के बाद मरने वाले शेरों की संख्या 23 हो गई है. वन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजीव कुमार गुप्ता ने कहा, ‘‘पहले बचाए गए दो शेरों की संक्रमण के कारण आज सुबह मौत हो गई’’.

12 और 19 सितम्बर के बीच वन में 11 शेरों की मौत आपसी लड़ाई और संक्रमण के कारण हो गई जबकि दस और शेरों की मौत 20 और 30 सितम्बर के बीच राहत केंद्रों में स्थानांतरित किए जाने के बाद हुई. मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने मौतों को ‘‘काफी दुर्भाग्यपूर्ण’’ करार दिया है.


विजय रुपाणी इसे दुर्भाग्यपूर्ण बता रहे हैं लेकिन. गुजरात के तत्कालीन सीएम नरेन्द्र मोदी साहब की ज़िद का नतीजा है. दरअसल गिर में शेरों की संख्या तेज़ी से बढ़ रही है. हालात ये हैं कि उन्हें संभालने के लिए जंगल का क्षेत्रफल छोटा पड़ने लगा है.


मध्यप्रदेश सरकार ने पालपुर कुनो अभ्यारण्य में गिर के शेर भेजने के लिए सरकार से कहा था. लेकिन गुजरात के सीएम मोदी गिर के शेर राज्य से बाहर भेजने के पक्ष में नहीं थे. वो चाहते थे कि गिर के शेर देश में सिर्फ एक ही जगह रहें.


मामला सुप्रीम कोर्ट गया . 2013 में गुजरात केस हार गया और सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ये शेर लुप्त होने के कगार पर हैं और उन्हें मध्यप्रदेश भेजना ही चाहिए. सुप्रीम कोर्ट ने 6 महीने का समय दिया. दोनों राज्यों से कहा कि छह महीने में शेर मध्यप्रदेश भेजे जाएं.
गुजरात ने कई बहाने बनाए लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने एक नहीं सुनी, सुप्रीम कोर्ट के पास पन्ना में टाइगर की देखभाल का रिकॉर्ड भी पेश किया गया.


इससे पहले शेर मध्यप्रदेश जाते मोदी जी पीएम बन गए. अब जब मोदी जी चीफ हों तो शिवराज सरकार कैसे गुजरात के खिलाफ अवमानना का केस दर्ज करे. नतीजा ये हुआ कि शेर स्थानांतरित नहीं हो सके.

 

अब पांच साल में नौबत ये आ गई है कि शेर मरने लगे है. क्या मध्यप्रदेश देश का हिस्सा नहीं है . शेर सिर्फ गिर में रखने से उनकी जान को खतरा है , उनके अस्तित्व को खतरा है लेकिन व्यापारी तो अपना फायदा देखता है. एक्सक्लूसिव गिर का शेर और मोनोपॉली. पत्रकार गिरिजेश वशिष्ठ का लेख

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