वाशिंगटन पोस्ट का खुलासा, मोदी सरकार ने अडानी के लिए पार की सारी हदें.

लेकिन जो गुप्ता 163 पेज का पावर पर्चेज समझौता था उसमें अडानी को ही फायदा होना था न भारत को न बांग्लादेश को.
साढे चार करोड़ डालर हर साल $450 million मेन्टेनेन्स चार्जेज बांग्लादेश को देने थे चाहे बिजली बने न बने.
ये समझौता जब हुआ तो बांग्लादेश अपनी जरूरत से चालीस फीसदी बिजली पहले ही बना रहा है. अभी तक ये नहीं पता चला है कि बांग्लादेश ने कब अपनी ट्रांसमिशन लाइन बिछायी
हालत ये है कि बांग्लादेश के बाजार में जो बिजली उपलब्ध है अडानी की बिजली उससे पांच गुना कीमत पर उसे खरीदनी पड़ रही है.
मजेदार बात ये हैं कि 2021 में बांग्लादेश ने अपने 18 में से दस पावर प्रोजेक्ट बनाने का प्लान रद्द कर दिया.
बीडी रहमतुल्लाह. बांग्लादेश पावर रेग्युलेटर के डायरेक्टर जनरल रहे हैं. उन्होने अडानी के प्रोजेक्ट की समीक्षा भी की थी. रहमतुल्ला कहते हैं कि शेख हसीना भारत का गुस्सा बरदाश्त नहीं कर सकतीं.
उन्हें पता है कि क्या गलत है क्या सही है लेकिन वो जानती हैं कि अगर वो अडानी को संतुष्ट रखेंगी तो मोदी खुश रहेंगे.
बांग्लादेश की हालत भारत के किसी राज्य से भी बदतर है
बांग्लादेश की प्रधानमंत्री के प्रवक्ता और बिजली अधिकारियों ने भी वाशिंगटन पोस्ट के किसी सवाल का जवाबन हीं दिया है.

Adani’s businesses accounted for 25 percent of India’s coal imports this year, according to research firm CoalMint.

India-Bangladesh LBA that provides for exchange of 161 enclaves between the two countries. A total 111 border enclaves will be transferred to Bangladesh
in exchange for 51 that will become part of India.
Ahead of his visit, Mr. Modi had said the Agreement marked a “watershed moment” in India’s ties with Bangladesh.
Under the agreement, India will have an advantage of 500 acres and 10,000 acres will go to Bangladesh.
The agreement settles the question of citizenship for over 50,000 people.
The issue has been a major irritant in ties between the two countries which share a 4,096-km-long border, most of which is porous.
The settlement of the LBA comes as both countries have settled their maritime boundary.
On July 7, 2014, the Hague-based Permanent Court of Arbitration delineated the maritime boundary between the two neighbours, the Exclusive Economic Zone and the continental shelf within and beyond 200 nautical miles.

About Knocking News (नॉकिंग न्यूज़)
शिक्षा , इतिहास , अर्थशास्त्र, राजनीति और अन्य समसामयिक विषयों पर पत्रकार गिरिजेश वशिष्ठ के विश्लेषण इस चनल पर लगातार मिलता है. आजाद, खुली और स्वस्थ पत्रकारिता को अपने अनुभव से लेकर आते हैं.
ये चैनल पत्रकार गिरिजेश वशिष्ठ के विश्लेषणों का चैनल है. गिरिजेश वशिष्ठ वरिष्ठ पत्रकार हैं. वो इन्डिया टुडे ग्रुप, दिल्ली आजतक, ज़ी, दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, सहारा समय समेत अनेक महत्वपूर्ण समाचार संस्थानों में संपादक के स्तर पर जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं और पिछले 34 साल से लगातार सक्रिय हैं.
This is a analysis channel of Girijesh Vashistha. Girijesh Vashistha is a senior journalist; he has worked with India Today group, Zee Network, Dainik Bhaskar, Dainik Jagran and sahara samay like Prominent News organizations for 34 years at Editor Level

For donations and support you may pay from any app by using UPI facility. our upi id is….


girijeshv@okicici


Editorial Partner – editorji :
https://www.editorji.com/hindi/partner/knockingnew-com
Please subscribe to our youtube channel:
https://www.youtube.com/c/KnockingNews
Another channel for Girijesh Vashistha Videos:
https://www.youtube.com/c/girijeshvashistha
Check out the KnockingNews website for more news:
https://www.KnockingNews.com/
Like us on Facebook:
https://www.facebook.com/KnockingNews/
Follow us on twitter:
https://twitter.com/KnockingNews
Our videos also available on Instagram:
https://www.instagram.com/KnockingNews/…

Our telegram channel :
https://t.me/KNLive

latest videos are at odysee
https://odysee.com/@KnockingNews
***For sponsordhip and advertisement related enquiries please contact ***
Email – knockingnews@gmail.com
-For donations and support you may pay from any app by using UPI facility. our upi id is….


girijeshv@okicici


-For news information please mail on above address. mobile number will be shared only if required