लॉकडाउन के बाद पूरी तरह बदली मिलेगी मेट्रो की ज़िंदगी, जानिए क्या होगा

3 मई को जब आप लॉकडाउन के बाद घर से बाहर निकलेंगे तो आपकी दुनिया एकदम बदली हुई होगी. उससे भी आगे जाकर मेट्रो का सफर बदल चुका होगा. मेट्रो ने कई नियम बनाए हैं जो सफर का अंदाज़ बदल देंगे. गुरुवार को सीआईएसएफ द्वारा पेश किए गए प्रस्ताव के अनुसार, लॉकडाउन के बाद मेट्रो में सफर करने वाले यात्रियों को शारीरिक तलाशी के पहले अपने शरीर से किसी भी धातु की चीज़ को शरीर से अलग करके बैग में रखना होगा. इसके अलावा यात्रिओं को फेस मास्क पहनना अनिवार्य होगा. वहीं, आरोग्य सेतु एप्लिकेशन का उपयोग पास के रूप में किया जाएगा.

फ्लू के लक्षण वाले यात्री नहीं कर पाएंगे सफर

प्रस्ताव के अनुसार, यदि किसी मुसाफिर में फ्लू जैसे कोई भी लक्षण दिखाई देते हैं तो उसे यात्रा करने की अनुमति नहीं दी जाएगी. बता दें कि सीआईएसएफ ने यात्रिओं और रेलकर्मियों की सुरक्षा के लिए गुरुवार को बिजनेस कंटिन्यूटी प्लान प्रस्तुत किया था. इसी प्लान में इन सभी योजनाओं का उल्लेख किया गया है.

12 हजार से ज्यादा सीआईएसएफ जवानों की तैनाती

सीआईएसएफ की योजना के अनुसार, 160 से अधिक मेट्रो स्टेशनों पर 12 हजार से अधिक जवानों को तैनात किया जाएगा. जो यात्रियों प्रवेश से लेकर निकास तक की हर गतिविधि पर नजर रखेंगे. वहीं, प्रवेश द्वार पर सीआईएसएफ द्वारा यात्रियों को सेनेटाइजर भी दिया जाएगा. थर्मल स्क्रीनिंग में सामान्य ताप वाले यात्रियों को ही मेट्रो स्टेशन में प्रवेश करने दिया जाएगा. जबकि जिस यात्री का तापमान ज्यादा आएगा उसे गेट से ही वापस कर दिया जाएगा.

सीआईएसएफ के महानिदेशक राजेश रंजन ने बताया कि इस योजना को यात्रियों, सीआईएसएफ कर्मियों और डीएमआरसी के कर्मचारियों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है. एंट्री से पहले सभी यात्रियों को बेल्ट या धातु बने सभी सामान को बाहर निकालकर अपने बैग में रखना जरूरी होगा. इस बैग को स्कैनर मशीन की सहायता से जांचा जाएगा. वहीं जिन यात्रियों के पास बैग नहीं होगा उनके लिए ट्रे उपलब्ध कराया जाएगा.

यात्रियों के बीच 1 मीटर की दूरी

मेट्रो स्टेशन परिसर में यात्रियों को कतार के नियम का सख्ती से पालन करना होगा. सिक्योरिटी स्क्रीनिंग के स्थान से लाइन शुरू होने की दूरी 2 मीटर होगी वहीं, यात्रियों के बीच में कम से कम 1 मीटर की दूरी बनाए रखना अनिवार्य होगा. सभी मेट्रो स्टेशनों पर सीआईएसएफ के दो कर्मी पीपीई सुरक्षा उपकरण को पहने रहेंगे.

मेट्रो को कोरोना का कितना डर

दिल्ली मेट्रो में प्रतिदिन लगभग 30 लाख के आसपास यात्री सफर करते हैं. इनके स्वास्थ्य और सुरक्षा की जिम्मेदारी सीआईएसएफ और मेट्रो प्रशासन की है. अगर लॉकडाउन के बाद कोरोना को रोकने के लिए सुरक्षात्मक उपाय न किए गएं तो दिल्ली में यह महामारी फिर से पैर पसार सकती है. वहीं यात्रा कर रहे लोग कोरोना का कैरियर भी बन सकते हैं.