बच्चों की शिक्षा से ज्यादा गाय प्राथमिकता बन गई है यूपी में !

गौसेवा के माहौल के बीच अचानक उत्तर प्रदेश सब छोड़कर गायों की हिफाज़त में लग गया है . ये खबर देखने में मामूली लगती है लेकिन इसका संदेश बहुत बड़ा है . मतलब है कि इस मूर्खता की हद तक धार्मिकता के दौर में लोग शिक्षा और अपने बच्चों से ज्यादा अहमियत मवेशियों को देने लगे हैं. यूपी के प्रयागराज में किसानों ने आवारा पशुओं को छत देने के लिए स्कूल पर ही कब्जा कर लिया. जिसकी वजह से कड़ाके की ठंड में स्कूल के बच्चों को खुले आसमान के नीचे पढ़ना पड़ा.

यहां के शंकरगढ़ इलाके में भदवार गांव में सोमवार की सुबह जब छोटे बच्चे अपने प्राथमिक विद्यालय में पढ़ने आए तो उस स्कूल में गाय-बैलों को देखकर दंग रह गए. स्कूल के प्रिंसिपल कमलेश सिंह के मुताबिक रविवार की रात इलाके में हो रही बारिश और ओलों के चलते जो आवारा पशु खेतों में फसल खाने आते हैं वह गांव में घुस आए. गांव वालों ने उन्हें मौसम से बचाने के लिए स्कूल पर कब्ज़ा कर लिया. आधी रात से लेकर सोमवार की दोपहर तक ये जानवर स्कूल में ही बंद रहे और बच्चों को जबरदस्त ठंड में स्कूल के बाहर प्लास्टिक के ठंडे तिरपाल बिछाकर पढ़ाई करनी पड़ी.

बरवार गांव के सरपंच त्याग राज सिंह ने एक न्यूज़ चैनल से बातचीत में बताया कि उन्होंने गांव वालों को ऐसा ना करने की हिदायत दी थी, लेकिन गांव वालों ने किसी की बात नहीं सुनी. पशुओं ने स्कूल के अंदर लगाई गई फुलवारी को भी नष्ट कर दिया.

सोमवार को ही इलाके के प्रशासनिक अधिकारियों के आने के बाद गांव वालों को मनाया गया और पशुओं को स्कूल से बाहर निकाला गया. इसके बाद स्कूल की साफ सफाई की गई, लेकिन स्कूल में आज भी बदबू है और इसी बदबू के बीच बच्चों को बैठकर पढ़ना पड़ रहा है.

शंकरगढ़ इलाके के कई किसान ऐसे हैं, जिन्होंने पशुओं के आतंक से इस बार गेहूं की बुवाई ही नहीं की. इसी गांव के रहने वाले विकास सिंह ने बताया कि उनकी धान की फसल बर्बाद हो गई जिसके बाद उन्होंने पशुओं के खौफ में फसल ही नहीं लगाई.

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